No icon

अन्ना हजारे लोकपाल मुद्दे पर फिर बैठेंगे भूख हड़ताल पर

प्रखर / एजेंसी । लोकपाल मुद्दे पर दिल्ली के रामलीला मैदान में 23 जनवरी को अनशन पर बैठने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक बार फिर सरकार को पत्र लिखकर चेतावनी दिया है कि अगर 30 जनवरी तक सरकार ने लोकपाल का की नियुक्ति नहीं की तो वह अपने गांव में ही भूख हड़ताल पर बैठने के लिए विवश होंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को पत्र लिखते हुए अन्ना हजारे ने एनडीए सरकार पर केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर बहानेबाजी का आरोप लगाया है। अन्ना ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पहले कहा कि लोकसभा में विपक्ष का नेता नहीं है, इसलिए लोकपाल की नियुक्ति नहीं हो सकती फिर चयन समिति में किसी प्रतिष्ठित कानूनविद के नहीं होने का राग अलाप रहा है। मोदी सरकार की बहाने बाजीयों से आजिज़ आकर अन्ना हजारे ने उसे 30 जनवरी तक का समय दिया है। उन्होंने कहा कि वह इसी साल 23 मार्च को दिल्ली में रामलीला मैदान में हड़ताल पर बैठे थे, लेकिन जब पीएमओ की तरफ से उन्हें लिखित में भरोसा दिया गया कि उनकी मांगे पूरी कर दी जाएंगी तो उन्होंने हड़ताल खत्म कर दी । बता दें कि जनवरी में अनशन कर रहे अन्ना को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जूस पिलाकर उनका उनका अनशन तोड़ा था। लेकिन अब अन्ना सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे हैं। अन्ना हजारे ने कहा कि इसके पहले सरकार ने 2 अक्टूबर तक लोकपाल नियुक्त करने का आश्वासन दिया था लेकिन उसकी वादाखिलाफी के बाद मैंने रालेगण सिद्धि में ही अनशन पर बैठने का फैसला लिया इसकी सूचना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों ने दोबारा भरोसा दिलाया कि लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया आखिरी दौर में है। इसलिए मैंने उन्हें एक और मौका देने का फैसला किया और 30 जनवरी तक का इंतजार कर रहा हूं। उन्होंने कहा, 'जाहिर है कि मौजूदा सरकार का लोकपाल और लोकायुक्त नियुक्त करने को लेकर कोई इरादा नहीं है। लिहाज़ा मेरे पास शिवाय अनशन पर बैठने के कोई और चारा नहीं है।

Comment