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5G की टेस्टिंग के बाद हजारों पक्षियों की गई जान

प्रखर विशेष।  लोगों के लिए इंटरनेट अब दवा की तरह हो गया है , अगर नेट ना रहे तो लोगों का जीवन अधूरा सा लगने लगता है।  साथ ही अगर इंटरनेट पर स्पीड स्लो है तो भी लोग गुस्से के मारे आग बबूला हो जाते हैं।  इस समय 4जी का मजा ले रहे लोग सोचते हैं कि जल्द ही हम 5G का मजा लेंगे।  लेकिन जिस तरह जनरेसन बढ़ती जा रही है,  उस तरह खतरे भी बढ़ते जा रहे हैं।  इसी क्रम में 5G को लेकर एक अहम सवाल तब खड़ा हुआ, जब नीदरलैंड में टेस्टिंग के दौरान अचानक सैकड़ों पक्षियों की जान चली गई । बताया जा रहा है कि नीदरलैंड में 5जी की टेस्टिंग की गई,  जिसके बाद पक्षियों में अजीब हरकतें होने लगी और तो और हजारों पक्षियों ने दम तोड़ दिया।  जो 5जी पर काफी बड़े सवाल खड़े करते हैं । इससे यह साफ हो गया है कि आधुनिकीकरण की चलते जीव जंतुओं को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा,  जो पर्यावरण के लिए भी अत्यंत खतरनाक साबित हो सकता है।  बता दें कि आज से करीब 1 सप्ताह पूर्व नीदरलैंड में अचानक ही सैकड़ों पक्षियों की मरने की खबर आने लगी, जिसके बाद प्रशासन ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि 5G की टेस्टिंग से इन बच्चियों की जान गई है।  एक वेबसाइट के अनुसार एक शहर में 5जी की टेस्टिंग के दौरान करीब 297 पक्षियों की जान चली गई । इसमें से 150 की मौत शुरू होने के तुरंत बाद हो गई।  5G के रेडिएशन का इतना बुरा प्रभाव पाया गया कि आसपास के कई तालाबों में बत्तको में अजीब सा व्यवहार करना शुरू कर दिया,  बार-बार पानी में जाना और बाहर आने जैसी प्रक्रिया करने लगे । बताया जा रहा है कि 5G की टेस्टिंग के दौरान रेडियो फ्रिकवेंसी रेडिएशन 7.4 गीगाहर्टज का था।  लेकिन इसके बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।  साथ ही इसके पहले भी 5G की टेस्टिंग के दौरान गायों को भी परेशानी हुई थी । बताया जा रहा है कि कुछ समय पूर्व स्वीटजरलैंड में भी 5G टेस्टिंग शुरू होने के दौरान गायों का एक झुंड अचानक जमीन पर गिर गया और तड़पाने लगा। नीदरलैंड में मरे हुए पक्षियों की लैब में टेस्टिंग की जा रही है, जिसके बाद ही पता चल जाएगा इन पक्षियों की मौत की असली वजह क्या है ?डॉक्टरों का कहना है कि 5 की तकनीकी में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन का इस्तेमाल किया जाता है , जिससे जीव जंतुओं के स्कीम में ऑब्जरवेशन होता है।  जिसके बाद कैंसर से भी खतरनाक बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।  साथ ही 5G के प्रमोटरो का कहना है कि इस तकनीक के बाद डाटा ट्रांसफर की स्पीड काफी अधिक बढ़ जाएगी,  जिससे एनर्जी व वित्तीय खर्च बहुत कम हो जाएंगे।

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