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प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में दृष्टिहीन दिव्यांग छात्र प्रबंधन के खिलाफ धरने पर!

प्रखर वाराणसी।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में दुर्गा कुंड मंदिर के ठीक सामने स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विद्यालय के छात्रों का आरोप है कि उनके साथ प्रबंधन द्वारा अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है। मिलने वाली तमाम सुविधाओं से उन्हें वंचित रखा गया है। हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय के छात्रों ने 12 सूत्री मांगों को लेकर के रास्ता जाम कर दिया है । उनकी मांगें न हैं की विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जाए, नीरज दुबे जो कि वहां कर्मचारी हैं उन्हें हटाया जाए, त्रिलोकी नाथ चौबे को निष्कासित किया जाए। छात्रावास में सुविधाओं को बढ़ाया जाए, स्कूल में गोदाम ना बनाया जाए ताकि बच्चों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। विद्यालय के छात्रों का कहना है कि इस संस्था को सरकार अपने हाथ में ले ताकि इसका व्यावसायिक इस्तेमाल ना किया जा सके। विद्यालय में आए दिन तमाम तरह के कार्यक्रम कराए जाते हैं जिससे विद्यालय के छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता  है । छात्रों का कहना है कि ऐसे प्रोग्राम यहां प्रतिबंधित किए जाएं तथा ब्रेल शिक्षकों की नियुक्ति हो। अर्थात जो दृष्टिहीन विद्यार्थियों को पढ़ा सकें ऐसे दृष्टिबाधित शिक्षकों की नियुक्ति यहां होनी चाहिए । साथ ही मेडिकल वार्डन की भी नियुक्ति की मांग छात्र कर रहे हैं । कुछ छात्रों का कहना है कि उनके विद्यालय के लिए खेल टीचर को भी नियुक्त किया जाए। जो दृष्टिहीन शिक्षक वहां नियुक्त हैं उन्हें कैंपस के अंदर रहने की व्यवस्था कराई जाए क्योंकि अभी वह मंदिर पर सोते हैं। छात्रों के इस धरने को संभालने के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी वहां मौजूद हैं लेकिन विद्यालय प्रबंधन का अभी एक भी जिम्मेदार व्यक्ति वहां नहीं पहुंच पाया है।  बता दे कि शहर के प्रतिष्ठित संस्थान जालान के प्रमुख भी इस संस्था के मैनेजमेंट में है। छात्रों का आरोप है कि विद्यालय में सामानों को रखकर गोदाम बना दिया गया है । ऐसे में प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के दिव्यांग दृष्टिहीन छात्रों की बात को कब सुना जाता है यह देखने वाली बात होगी ।

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