No icon

गाज़ीपुर- श्रीमद भागवत कथा के आयोजन से गाँव और क्षेत्र के लोगो में ख़ुशी और उत्साह

प्रखर ब्यूरो मरदह/ग़ाज़ीपुर। बौरी गाँव के हनुमान मंदिर पर श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया गया है। जिससे गाँव और क्षेत्र के लोगो में ख़ुशी और उत्साह का माहौल है। इस आयोजन में हर रोज शाम से ही गाँव और क्षेत्र के लोगो का हनुमान मंदिर के प्रांगण में भीड़ जुटने लगता है। कार्यक्रम के मुख्य आयोजक रामनरायन जायसवाल ने कहाँ की भागवत कथा के आचार्य पार्वती नंदन जी महाराज जी द्वारा कृष्ण जी के जीवन पर आधारित व्याख्यान किया जाता है। कथा में रोजाना कृष्ण जी के जीवन पर आधारित नाट्य रूपांतरण भी किया जाता है। कार्यक्रम की व्यवस्था देख रहे अरुण जैसवाल का कहना है कि इस तरह के आयोजन से समाज मे फैली बुराइयों पर अच्छाइयों की जीत हो यही इसका मुख्य उद्देश्य है। कथावाचक पार्वती नन्दन जी महाराज ने श्रोताओं से कहा कि कथा सुनने से जन्म-जन्म के पापों से मुक्ति मिलती है। सप्ताहभर की कथा के सारांश में प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग बाकी दिन की कथा नहीं सुन पाए हैं उन्हें इस कथा का श्रवण करने से पूरी कथा सुनने का पुण्य लाभ प्राप्त हो सकता है। उन्होंने कहा कि कथा केवल सुनने के लिए नहीं है, बल्कि इसे अपने जीवन में उतारें इसका पालन करें। भगवत भजन करने से व्यक्ति स्वयं तो आत्मविश्वासी होता ही है, दूसरों में भी विश्वास जगाता है। आत्मविश्वास में कमी आने पर हम हर प्रकार से संपन्न होते हुए भी हमें कार्य की सफलता पर संशय रहता है। सप्ताह भर से चल रहे कथा समापन के अवसर पर उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि प्रतिदिन माता-पिता का आदर करें, सूर्य को अ‌र्घ्य अर्पण करें, भगवान को भोग लगाएं, गाय को रोटी दें और अपने आत्मविश्वास को हमेशा कायम रखें। अपनी संपत्ति का कुछ हिस्सा अच्छे कार्यों के लिए अवश्य निकाले। कथावाचक पार्वती नंदन महराज जी ने कथा में लगे सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के वरिष्ठ मार्गदर्शक जनार्दन सिंह ने कहा कि भागवत का हर प्रसंग हमें बेहतर तरीके से जीवन जीने की सीख देता है। आज के इस आयोजन में विनोद जायसवाल, विनय जायसवाल, कंचन जायसवाल, अनिल यादव, प्रिंस जायसवाल, सतीश सिंह, भानु प्रताप जायसवाल, आचार्य सुनील जी महाराज, राजेश गिरी, गिरिधर, सुजीत जायसवाल,  अम्बर, शिवम सिंह, बालमुकुंद जायसवाल, अभिषेक, अमन, रोहित, विशाल उर्फ सनी आदि लोग उपस्थित रहे।

Comment