93 के मुंबई बम ब्लास्ट का आरोपी कानपुर से गिरफ्तार

– आजीवन कारावास की सजा पा चुका है यह आतंकी
– 21 दिन का पैरोल खत्म होने के बाद हुआ था फरार
प्रखर लखनऊ। मुंबई में हुए 1993 के सीरियल बम ब्लास्ट का आरोपी जलीस अंसारी जिसे आजीवन कारावास की सजा दी गई है। जेल से मिले 21 दिन की पेरोल खत्म होने के बाद फरार हो चुका था। लेकिन आखिरकार मुंबई एटीएस की निशानदेही पर उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने उसे कानपुर से दबोच लिया है।लखनऊ में यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि आजीवन कारावास की सजा पा चुका जलीस अंसारी 21 दिन के परोल से गायब हो गया था। बतादें कि अंसारी 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट समेत कई ब्लास्ट में शामिल था। 26 दिसंबर को 21 दिन की पेरोल पर अजमेर जेल से छूटा था। 17 जनवरी को उसे वापस जेल पहुंचना था लेकिन वह नहीं पहुंचा। डीजीपी  ने बताया कि जलीस अंसारी मूल रूप से यूपी के संतकबीरनगर का रहने वाला है। वह यूपी होते हुए नेपाल भागने की फ़िराक में था। डीजीपी ने कहा कि आरोपी से एसटीएफ पूछताछ कर रही है। डीजीपी के अनुसार कानपुर की एक मस्जिद से निकलते समय जलीस अंसारी को गिरफ्तार किया गया। बता दें कि जलीस 15 जनवरी को मुंबई से गायब हुआ था। पुलिस के अनुसार पैरोल अवधि में रोज 10 से 12 बजे के बीच स्थानीय उपस्थिति दर्ज करवानी अनिवार्य थी।लेकिन जलीस 16 जनवरी को सुबह ही अपने अगटीपाड़ा, मुंबई स्थित आवास से गायब हो गया था। इस संबंध में मुंबई एटीएस ने 16 जनवरी की रात को 11 बजे यूपी पुलिस से सहयोग मांगा गया।मुंबई एटीएस ने संभावता जताई कि वह अपने गांव अमरडोवा पोस्ट बकीरा, जनपद संत कबीरनगर जा सकता है। इसके साथ ही पूरे देश में रेड अलर्ट जारी किया गया था। बतादें कि आतंकवाद की दुनिया मे जलीस को डॉक्टर नाम से जानते हैं।डीजीपी ने कहा कि जलीस अंसारी को लखनऊ लाया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी यूपी पुलिस की बड़ी उपलब्धि है। गौरतलब है कि जलीस अंसारी ने बांग्लादेश में  बम बनाने की ट्रेनिंग ली है। जलीस के संबंध कई आतंकी संगठनों से रहे हैं। इन्हीं संगठनों के सहारे व नेपाल के रास्ते दुबई भागने की फिराक में था। लेकिन उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने उसके मंसूबों पर पानी फेरते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।