देश में सीएए कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में पीएफआई का पैसा

– देश के कई बड़े वकीलों के अकाउंट में गए पैसे

प्रखर दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में चल रहे धरना प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं के पीछे प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया(पीएफआई) का पैसा होने की बात सामने आ रही है। बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ईडी ने दावा किया है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और रिहैब इंडिया फाउंडेशन ने सीएए के खिलाफ प्रदर्शन को जारी रखने के लिए 134 करोड़ के फंड दिए हैं। ईडी की टीम को पीएफआई संस्था और उससे जुड़े लोगों के करीब 73 बैंक एकाउंट की जानकारी मिली है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि पीएफआई के बैंक अकाउंट से देश के कई बड़े वकीलों को पैसे दिए गए। इनमें एक कांग्रेसी नेता और वरिष्ठ महिला वकील का नाम भी शामिल है। सूत्रों का कहना है कि 2 से 3 दिन के अंदर 120 करोड़ रुपये जमा किए गए और उन्हें तुरंत निकाल भी लिया गया है। पीएफआई से कई और बड़े वकीलों को भी पैसे भेजे गए। बतादें कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को एक कट्टर इस्लामिक संगठन माना जाता है। बता दें कि पीएफआई के संबंध तमाम विश्व भर के आतंकी संगठनों से बताए जाते हैं इसको लेकर एनआईए अपनी जांच पड़ताल में जुटा हुआ है। पीएफआई का नेटवर्क सबसे ज्यादा केरल और आसाम के क्षेत्रों में है। एनआईए के मुताबिक केरल में इस संगठन का माड्यूल आईएसआई के लिए काम कर रहा था जिसमें इसके सदस्यों ने सीरिया और इराक में आईएसआईएस को ज्वाइन किया था। उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन में भी पीएफआई का नाम सामने आया था। जिसमें डीजीपी ओपी सिंह ने 25 पीएफआई के सदस्यों के गिरफ्तारी की बात कही थी।