ग़ाज़ीपुर- कोरोना के संदिग्धों ने नहीं किया सरकारी निर्देशों का पालन, अब डॉक्टर ने की पूरे परिवार समेत क्वॉरेंटाइन होने की मांग

प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। वैश्विक महामारी से जूझ रहे देश के तमाम हिस्सों से कोरोना से पीड़ित लोगों की खबरें लगातार आ रही हैं । दिल्ली के निजामुद्दीन मस्जिद में हुए जलसे के बाद वहां से निकले तमाम लोगों ने पूरे देश के अलग-अलग जनपदों में कोरोना के डर को बढ़ा दिया है देश में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि जिले की मस्जिद में छिपे बैठे 11 जमातियों में से एक की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आयी है। यह रिपोर्ट गुरुवार की दोपहर जिला प्रशासन को मिलते ही हड़कंप मच गया। इसकी पुष्टि सीएमओ डा. जीसी मौर्या ने की है। आनन-फानन स्वास्थ्य विभाग की टीम उक्त मस्जिद में पहुंची और दोनों को जिला अस्पातल लाया जा रहा है। इससे पूर्व दो जमातियों का सैम्पल जांच के लिए भेजा गया था। इन मरीजों के इलाज में जुटे हुए डॉक्टर ने अब प्रशासन से गुहार लगाते हुए खुद समेत पूरे परिवार को आइसोलेशन वार्ड में भेजने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। बता दें कि कोरोना मरीज के स्क्रीनिंग के दौरान संपर्क में आने के कारण क्वॉरेंटाइन करने के संबंध में उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर सूचित किया और साथ ही उन्होंने बताया कि 31 मार्च को अपराहन 3:00 बजे के करीब गाजीपुर के महुआबाग स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने के मस्जिद में देहरादून तथा निजामुद्दीन नई दिल्ली के मौजूद व्यक्तियों का कोरोना के संबंध में स्क्रीनिंग कर रहा था। मेरे पास उस समय n95 मस्क तथा ग्लब्स मौजूद नहीं था। इसके अलावा संदिग्धों ने सरकारी निर्देशों का पालन भी नहीं किया है मसलन परीक्षण के दौरान मोहम्मद रिजवान उम्र 49 वर्ष पुत्र अब्दुल हमीद द्वारा कई बार छींका गया तथा खासी किया गया तथा वह मास्क भी नहीं पहने था। उस दिन मेरे द्वारा कुल 3 आइसोलेशन सेंटर क्रमशः गीतांजलि पैलेस, रॉयल पैलेस तथा सहजानंद डिग्री कॉलेज तथा उपरोक्त मस्जिद में भी निरीक्षण किया गया था, जिसमें मस्जिद के 11 व्यक्तियों में से 6 को बुखार आ रहा था। गुरुवार 2 अप्रैल को ज्ञात हुआ कि मेरे द्वारा परीक्षण किए गए मस्जिद में से एक व्यक्ति को कोरोना का परिणाम पॉजिटिव आ चुका है। मैं 3 दिनों से लगातार बेफिक्र होकर बिना पर्याप्त सुरक्षा के मस्जिद के लोगों की स्क्रीनिंग कर रहा था। अतः मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों के हित में तथा जनहित में मुझे क्वॉरेंटाइन में रखना आवश्यक है। इसी क्रम में आगे यह भी अवगत कराना है कि मेरे साथ मेरा ड्राइवर ही रामलाल तथा डीपीए पवन कुमार श्रीवास्तव भी मेरे संपर्क में आए थे। अतः महोदय से अनुरोध है कि मेरा तथा मेरे परिवार में पत्नी, दोनों बच्चों तथा उपरोक्त दोनों कर्मचारियों को कोरोना टेस्ट करवाने की कृपा करें तथा क्वॉरेंटाइन में रहने की अनुमति प्रदान करें। बता दें कि दिल्ली से वापस लौटे शेष सभी जमातियों का भी सैम्पल जांच के लिए बीएचयू भेजने की तैयारी की जा रही है। गाजीपुर में कोरोना का यह पहला मामला सामने आया है। इससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। कोरोना पीड़ित को भर्ती के लिए जिला अस्पातल में कवायद शुरु कर दी है। वहीं एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्कता बरत रही है।