ग़ाज़ीपुर- कोरोना को हराने के लिए सभी का घर में रहना और सोशल डिस्टेंन्सिंग का पालन अनिवार्य है- नर्वदेश्वर राय

प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। जनपद के मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र के जनता जनार्दन इण्टर कालेज गांधीनगर के पूर्व प्रधानाचार्य नर्वदेश्वर राय ने कहा की इतने दिनों के लॉक डाउन तथा सोसल डिस्टेंसिग के बाद भी हमारे देश मे कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। संख्या बढ़ने के साथ संक्रमित लोगों की मृत्यु दर में हम आगे निकलते जा रहे है। चीन जिसकी चर्चा खूब हो रही है, जब वहां 7736 संक्रमित लोगो की पुष्टि तक मरने वालों की संख्या 170 थी, जर्मनी में 7156 मरीजों पर मरने वालों की संख्या 13 रही, अमेरिका में जब तक 7087 मरीज थे तब मरने वालों की संख्या 100 रही परन्तु भारत मे 7447 संक्रमितो की पुष्टि तक मरने वाले लोगो की संख्या 239 हो गयी। आगे उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री तथा शासन की मंशा के अनुसार हमलोगों ने सोशल डिस्टेंसिग, मेडिकल टीम से स्वेच्छया संपर्क एवम निर्देशों का निष्ठापूर्वक पालन किया होता तो 239 मृतकों की संख्या को बहुत कम कर लिया गया होता। नर्वदेश्वर राय ने कहा की यह एक वैश्विक महामारी है, इसमे सरकार बिना जनता के सहयोग के कुछ नही कर सकती। मैं गाँवो में तथा TV पर लोगो के गलत क्रिया कलापों, अनर्गल वीडियो और भाषणों को सुन कर काफी दुखी हो जा रहा हूँ। आज हमारे जीवन को बचाने के लिए पुलिस को डंडे बरसाने पड़ रहे है, यह कितने दुख की बात है। क्या हमने कभी ये सोचा कि देशवासियों को बचाने के लिए कितने लोग अपना घर परिवार छोड़ कर रातो दिन पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रहे है। यदि वास्तव में हम सभी लोग इस देश की मानवता और जनजीवन को सुरक्षित देखना चाहते है तो दो प्रमुख कार्यो को करना होगा क्योकि अभी बहुत तेजी होगी तब भी कोविड-19 का टीका बनने में 12 से 18 माह लगने की संभावना है। ईश्वर करे कि और जल्द बन जाय। पहला कार्य जनता जनार्दन का है कि पूरी ईमानदारी के साथ घरों में रहे, अत्यधिक आवश्यक हो तो बाहर निकले, सोशल डिस्टेंसिग बनाये, कपड़ो को नियमित गर्म पानी मे धुले, साबुन से हाथ धुले, कुछ व्यायाम करें तथा शासन सत्त्ता का जो निर्देश है उसका पालन करे। वंही उन्होंने बताया कि दूसरा कार्य सरकार का है, जिसमे सभी की त्वरित जांच, (क्योकि बहुत से लोग संक्रमित है परंतु उनमे लक्षणों का प्रगटन नही है, वे कैरियर की भूमिका में है।) संक्रमित की पहिचान, उनका पृथक्करण तथा आवश्यकतानुसार ट्रीटमेंट आदि हो। सरकार त्वरित जांच को छोड़ बाकी कार्य बहुत तेजी से कर रही है। यह सभी लोग जानते है कि विपत्ति में अगर एकबार भी भोजन मिल जाय तो काफी है। इसलिए अपनी आवश्यकताओं को अति सीमित करने का प्रयास करें। इस महामारी का वायरस मरने वाला नही है। इसकी मृत्यु उबलते पानी, बहुत कड़ी धूप तथा आग में जलने पर ही सम्भव है। इसीलिए कहा गया है कि अगर एक बार उसका आगमन हो गया तो वह जाने वाला नही है। अगर कुछ कैरियर तथा कुछ रोगियों के रहते हुए ट्रैन, बस इत्यदि आवागमन के साधन शुरू हुए तो इसे रोकना हमारे देश के लिए बहुत कठिन होगा।