ग़ाज़ीपुर- लेवल 1 के हॉस्पिटल में कार्यरत डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ निभा रहे अहम भूमिका

प्रखर ब्यूरो ग़ाज़ीपुर। कोविड-19 वायरस के संक्रमण को देखते हुए शासन की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद को लेवल वन का हॉस्पिटल बनाया गया था। जहां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ सहित 50 कर्मियों की ड्यूटी प्रशिक्षण के पश्चात लगाई गई थी। प्रशिक्षण में सभी को इस बात की जानकारी दी गई थी कि संक्रमण को कैसे कंट्रोल किया जा सके। साथ ही इस संक्रमण से कैसे बचे और संक्रमित व्यक्ति का कैसे इलाज करें। इसके लिए शासन द्वारा दिशा-निर्देश भी दिये गए थे। इसको लेकर प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. आशीष कुमार राय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहली बार इस तरह की जिम्मेदारी मिलने को लेकर कोई भी स्टाफ मानसिक रूप से तैयार नहीं था लेकिन इस चुनौती को सभी ने अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य को समझ स्वीकार किया। डॉ. आशीष ने बताया कि इस जिम्मेदारी को निभाने में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जी.सी. मौर्य और जिला सर्विलांस अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. उमेश कुमार ने अपना अहम योगदान निभाया था, जिन्होंने लेवल वन के इस हॉस्पिटल के लिए एएलएस एंबुलेंस के साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन के लिए वाहन भी उपलब्ध कराया। इसके साथ ही पीपीई किट, एन-95 मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्स के साथ ही अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराए। इस दौरान ड्यूटी में लगे सभी डॉक्टर व स्टाफ के भोजन के लिए समस्या आई थी और इस समस्या की जिम्मेदारी स्थानीय सर्विस प्रोवाइडर (सेवाप्रदाता) ने ली। सेवाप्रदाता ने भोजन के साथ ही स्टाफ के जरूरी सामान भी उपलब्ध कराए। डॉक्टर व अन्य 25 लोगों का स्टाफ डॉ. रोहन वर्मा की अगुवाई में हॉस्पिटल के अंदर रहता है जो किसी भी बात की कमी होने पर व्हाट्सएप के द्वारा मांग करते हैं, जिसे तत्काल उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई जाती है। इस दौरान ड्यूटी में लगे डॉ. सुशील मौर्य की पत्नी जो गर्भवती थी और डॉ. धनंजय आनंद जिनके पिता अस्वस्थ थे। लेकिन इसके बावजूद भी डॉक्टर्स ने अपनी पारिवारिक समस्या को अपने परिवार के अन्य लोगों को सौंपकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करने के लिए ड्यूटी करते रहे। डॉ. आशीष ने बताया कि जनपद में कोविड-19 के तीन पॉजिटिव मरीज 4 अप्रैल को सीएचसी मोहम्मदाबाद में शिफ्ट किए गए थे और दो मरीज 5 अप्रैल को शिफ्ट किए गए थे, जो 10 अप्रैल तक सभी डॉक्टरों और स्टाफ की देखरेख में रहे। सभी मरीजो ने वाराणसी शिफ्ट किए जाने तक सभी डॉक्टरों व स्टाफ का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने बताया कि हॉस्पिटल को सैनिटाइज कराने और सुरक्षा प्रदान करने में पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी विनय गौतम का भी विशेष सहयोग रहा। साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था में एसडीएम राजेश गुप्ता का भी विशेष सहयोग रहा।