ग़ाज़ीपुर- जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत सकरा के मुसहर बस्ती में बनाये गये मुख्यमंत्री आवास का किया निरीक्षण, अनियमितताओं पर भड़के डीएम

– मुख्य विकास अधिकारी को मुख्यमंत्री योजनान्तर्गत निर्मित आवासों की गंभीरता से जांच कराते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने का दिया निर्देश
– मनरेगा द्वारा कराया जा रहा छलका का निर्माण कार्य निरीक्षण से मात्र 1 घंटा पूर्व प्रारम्भ किया गया

प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। जिलाधिकारी ओम प्रकाश आर्य ने आज दिन गुरुवार को अपरान्ह् 12.30 बजे विकास खण्ड सदर अन्तर्गत ग्राम पंचायत सकरा के मुसहर बस्ती में बनाये गये मुख्यमंत्री आवास का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने अशोक कुमार वनवासी के निर्माणाधीन आवास का निरीक्षण किया। उक्त आवास का ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा लेआउट तैयार न किये जाने के कारण आवास मानक से बड़ा बनाया जा रहा है। उक्त आवास के छत का निर्माण हो गया है, परन्तु बरामदे के छत का निर्माण अवशेष है। इसी क्रम में लक्ष्मण के आवास निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, परन्तु दरवाजा नहीं लगा हुआ पाया गया। लाभार्थियों के इज्जत घर का दरवाजा टूटा हुआ एवं मुन्ना के शौचालय पर छत नहीं पाया गया। देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि किसी भी लाभार्थी द्वारा अपने शौचालय का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण एवं खण्ड विकास अधिकारी सदर से उक्त ग्राम पंचायत के पात्र व्यक्तियों को स्वीकृत किये गये मुख्यमंत्री आवास के निर्माण की वास्तविक स्थिति की स्वयं निरीक्षण किये जाने के सम्बन्ध में जानकारी करने पर उनके द्वारा स्पष्ट उत्तर नहीं दिया गया। उक्त निर्माणाधीन आवास को देखने से कीे गयी लापरवाही पर ग्राम पंचायत अधिकारी त्रिवेणी उपाध्याय की कार्य के प्रति उदासीनता एवं उच्चाधिकारियों के द्वारा दिये गये निर्देश की अवहेलना प्रदर्शित हुई, जिसके लिए दोषी पाये गये है। ईसपर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि उक्त ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री योजनान्तर्गत निर्मित आवासों की गंभीरता से जांच कराते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने का निर्देश दिया।
तत्पश्चात जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत सकरा में मनरेगा के अन्तर्गत कराये जाने वाले कार्यो के सम्बन्ध में परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण एवं खण्ड विकास अधिकारी सदर द्वारा छलका में कराये जा रहे कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि उक्त छलका का निर्माण कार्य निरीक्षण से मात्र 1 घंटा पूर्व प्रारम्भ किया गया है। छलका में कार्य कर रहे मजदूरों से जानकारी लेने पर उनके द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त छलका का कार्य करने हेतु ग्राम प्रधान द्वारा 30 अप्रैल को अपराह्न 1.00 बजे बुलाया गया। इससे स्पष्ट हुआ कि खण्ड विकास अधिकारी एवं परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा गलत सूचना दी गयी कि मनरेगा के अन्तर्गत उक्त छलका का निर्माण कार्य चल रहा है। यह स्थिति शर्मनाक है। परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, गाजीपुर एवं खण्ड विकास अधिकारी सदर द्वारा बिना संज्ञान में लिये उच्चाधिकारियों को गलत सूचना से अवगत कराना शासकीय कार्य के प्रति घोर लापरवाही, शासन की मंशा के विपरीत कार्य करने की प्रवृत्ति एवं उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की गयी। जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी सदर को भविष्य के लिए सचेष्ट करते हुए इस प्रकार की पुनरावृत्ति प्रदर्शित होने पर उसे गंभीरता से लेते हुए शासनात्मक कार्यवाही का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि इस तथ्य की जांच करा लें कि ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा उक्त ग्राम पंचायत में मनरेगा के अन्तर्गत यदि कार्य प्रारम्भ किये जाने की सूचना पूर्व में दी गयी है अथवा नहीं। यदि दी गयी है और कार्य प्रारम्भ नहीं हुआ है तो उनके खिलाफ उच्चाधिकारियों को गलत सूचना दिये जाने का दोषी मानते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए आख्या 4 मई तक प्रेषित करने का निर्देश दिया।