ग़ाज़ीपुर- राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा ‘साहित्य कैसे पढ़ें और कैसे रचें’ विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला का हुआ आयोजन

प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के हिंदी विभाग द्वारा एमए की छात्राओं के लिए ‘साहित्य कैसे पढ़ें और कैसे रचें’ विषय पर एक ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। डॉ. निरंजन कुमार यादव ने पढ़ने के कौशल को विकसित करने एवं साहित्य रचने की विधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जो काम मनुष्य अपने जीवन में कभी नहीं कर सकता वह अपने जीवन के विपरीत परिस्थितियों में कर दिखाता दिखाता है। हम सब साहित्य के विद्यार्थी हैं तो यह हमारा दायित्व है कि हम अन्य की अपेक्षा कुछ अधिक संवेदनशील बने। जीवन की इस कठिन परिस्थिति में हम अधिक सकारात्मक और रचनात्मक कार्य करें। श्वेता, रेनू यादव, सौम्या मिश्रा, माधुरी राय, अर्पिता पांडेय एवं सुरेखा की रचनाएं सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर हैं। आप इसी प्रकार से लेखन के क्षेत्र में सतत सक्रिय रहें। इस अवसर पर उन्हें भाषा की बारीकियों से अवगत कराया गया तथा शब्द चयन करते हुए किन किन बातों का ख्याल रखना चाहिए उस पर भी बिस्तार से बात चीत की गई। बीच बीच में सामयिक संदर्भ को रेखांकित करते हुए कुछ कविताएं और शायरी को सुनाकर कार्यक्रम को बोझिल नहीं होने दिया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता ने बताया कि हम इस लाक डाउन में भी पठन-पाठन की प्रक्रिया को प्रभावित नहीं होने देंगे। इस प्रकार के रचनात्मक आयोजन होते रहेंगे। प्रत्येक रविवार को कवि सम्मेलन आयोजित करने की हमारी योजना है। कल आपके आलोचकीय विवेक हेतु ‘छायावादी कविता में स्वातंत्र चेतना’ विषय पर मैं आप से बात करूंगी। इस दौरान प्राचार्य डॉ. सविता भारद्वाज ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक पहल है। मीडिया प्रभारी डॉ. शिव कुमार ने बताया कि इस ऑनलाइन कार्यशाला में छात्राओं का उत्साह उनके द्वारा की गई सहभागिता एवं प्रश्नों के जवाब तलब से साफ़ तौर पर दिख रहा है।