ग़ाज़ीपुर- जल निगम विभाग की उदासीनता से सैकड़ों परिवार दूषित और संक्रमित पानी पीने को मजबूर

प्रखर ब्यूरो मरदह/ग़ाज़ीपुर। एक तरफ कोरोना वायरस तो दूसरी तरफ जल निगम से दूषित और संक्रमित पानी सैकड़ो घरों में महीनों से पहुंच रहा। क्षेत्र में जल निगम विभाग की घोर लापरवाही उजागर हुई है। लोगों के घरों में पहुंच रहा कीटाणु व विषैले दुर्गध वाला पानी, लोगो में मची हैं हलचल। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुख्यालय के बगल में स्थित जल निगम विभाग का पम्पसेट है, जहां से प्रतिदिन 600 घरों को सीधा पाईप लाइन द्वारा पानी सप्लाई कि जाती है, जिससे लगातार लोगों के घरों में पानी पहुंच तो रहा है, परन्तु पीने योग्य नहीं है। लाक डाउन व कोरोना वायरस महामारी के कारण सब लोग तो ध्यान नहीं दे पा रहे हैं, परन्तु जिसनें कीटाणु व दुर्गध देखा उसके रौंगटे खड़े हो गए हैं। मरदह गांव के दर्जनों लोगों ने बताया की जल निगम पम्पसेट भगवान भरोसे चलता है और विभागीय उदासीनता वर्षों से बनी हुई है। एक तरफ कर्मचारियों की तैनाती नहीं है और प्राईवेट लोग काम देखते है। वहीं एक ज्यादा क्षमता वाला पम्पसेट पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है, जिस कारण छोटे पम्पसेट से सीधा सप्लाई उपभोक्ताओं के घरों में वर्षों से कि जा रही। ईसकी साफ सफाई नहीं किया जाता है। जिस तरफ न ही कोई जनप्रतिनिधि और न ही विभाग ध्यान दे रहा है। भगवान भरोसे जल निगम सप्लाई चल रही है और विभाग द्वारा इसकी बकायदा समय से बाजार वासियों से वसूली भी किया जाता है। उसके बाद भी समस्या हमेशा बनी हुई रहती है और ईसका खामियाजा ग्रामीणों व दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय जल निगम से सप्लाई कि जाने वाले पानी को मरदह, पड़िता, नोनरा, कन्सहरी, भवानीपुर, कबीरपुर, नरवर, महेगवाँ, बिजवनपुर गांव के 600 उपभोक्ता इस्तेमाल करते है। इन दिनों पानी के संक्रमित होने से उपभोक्ताओं में हड़कम्प मचा हुआ है। इस वाकया की जानकारी होने के बाद भी विभाग आंखे बंद किया हुआ हैं।