ग़ाज़ीपुर- पांच मई से शुरू हो रहे मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेंगा माध्यमिक शिक्षक संघ

प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। पांच मई से शुरू हो रहे मूल्यांकन कार्य का माध्यमिक शिक्षक संघ बहिष्कार करेंगा। शिक्षकों का कहना है कि जान है तो जहान है। कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के बीच उपमुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री डाॅ. दिनेश शर्मा के पांच मई मंगलवार से मूल्यांकन कार्य शुरू कराने के निर्णय की आलोचना करते हुए माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रान्तीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य चौधरी दिनेश चंद्र राय ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन चल रहा है, लेकिन लॉकडाउन के बाद भी पांच मई से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का निर्णय किया गया है। ऐसे में जान जोखिम में डालकर शिक्षक किसी भी कीमत पर मूल्यांकन का कार्य नहीं करेंगे। सरकार की ओर से कोरोना योद्धाओं के लिए पचास लाख रुपये का दुर्घटना बीमा दिया गया है, लेकिन इसमें शिक्षकों को शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में खतरे को देखते हुए शिक्षक मूल्यांकन के कार्य का बहिष्कार करेंगे। जिलाध्यक्ष नारायण उपाध्याय ने कहा है कि मूल्यांकन केन्द्र संसाधन विहीन होने, पब्लिक ट्रान्सपोर्ट बन्द होने, प्रदेश के कई जिले रेड जोन में होने और हजारों शिक्षकों के रेड जोन वाले जिलों में फंसे होने के कारण सरकार का यह निर्णय बेतुका और शिक्षकों की जान जोखिम में डालने वाला है। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक संगठन संकट के इस दौर में शिक्षकों और उनके परिवार की रक्षा के लिए एकमंच पर एकत्र होते हुए मूल्यांकन बहिष्कार को सफल बनाते हुए संगठन की सार्थकता सिद्ध करें। जिला मंत्री राणा प्रताप सिंह ने सभी शिक्षक साथियों से आह्वान किया है कि वे सरकार की दमनात्मक कार्यवाहियों से भयभीत हुए बिना मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करें, क्योंकि जान है तो जहान है।