ग़ाज़ीपुर- बैंकों पर नही किया जा रहा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, जमकर उड़ाई जा रही है धज्जियां

– बैको की लापरवाही स्थानीय पुलिस के लिए बना सिरदर्द
– ग्राहक सेवा केंद्र भी मनमाने तरीके से अवैध रूप से बैकों के बगल में ही अपनी मिनी ब्रान्च खोल रखे हैं

प्रखर ब्यूरो मरदह/ग़ाज़ीपुर। लॉक डाउन थ्री में सोशल डिस्टैन्ड की धज्जियां उड़ाई जा रही है। सामाजिक दूरी के उल्लंघन का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बेबस हुई पुलिस, मौके पर मौजूद पुलिस भी नहीं करा पा रही सामाजिक दूरी का पालन। बैंक कर्मी शाखा के बाहर तनिक भी सोशल डिस्टैन्ड का पालन नहीं करा पा रहे। कर्मचारियों के लापरवाही प्रतिदिन देखने को मिल रही है और उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रहा। प्रतिदिन क्षेत्र के यूबीआई, बीओआई, एसबीआई, काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक सहित बैकों द्वारा खोले गये ग्राहक सेवा केंद्र सोशल डिस्टेन्ड का पालन करने व लोगों से कराने में असमर्थ हैं। जहाँ देश में एक तरफ कोरोना महामारी व उपर से लाक डाउन का दंश लोग झेल रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के बैंक शाखा प्रतिदिन इसकी धज्जियां उड़ा रहे है, जिसके तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
हम बात कर रहे मरदह थाना क्षेत्र के सभी बैकों कि। कर्मचारी तो एसी और पंखा में बैठ कर सोशल डिस्टेन्ड का पालन कर रहे हैं।परन्तु इनके शाखा पर बाहर सैकड़ों की भीड़ इकट्ठा हो रही और इनको कोई परवाह नहीं है, जो बैंक कर्मचारियों की घोर लापरवाही प्रदर्शित कर रही है। प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे के करीब लेन देन शुरू किया जाता है, जो दोपहर 2 बजे से पहले ही बंद हो जाता। उपभोक्ता सुबह 7 बजे शाखा पर आकर लाइन लगा रहे, जिससे ग्राहकों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता हैं। उपर से लाक डाउन का पालन भी नहीं हो रहा। काफी संख्या में गेट पर लगी भीड़ अपने मनमाने तरीके से एकत्रित रह रही। यही नही बैंक के किसी कर्मचारियों के ऊपर लॉक डाउन का कोई असर नहीं दिख रहा और ना ही बैंक के कर्मचारी या पुलिस प्रशासन और नहीं जनता के ऊपर इस कोरोना जैसे वायरस की बीमारी का भय दिख रहा है। बेचारी पुलिस के मौजूदगी में खुलेआम सोशल डिस्टैन्ड की धज्जियां उड़ाई जा रही है। साथ ही साथ बैंक के जो ग्राहक सेवा केंद्र है वह भी मनमाने तरीके से अवैध रूप से बैकों के बगल में ही अपनी मिनी ब्रान्च खोल रखे हैं। जो नियमतह इनको बैक से तीन किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र में होना चाहिए। लेकिन मोटी कमाई के चक्कर में शाखा के बगल में स्थित हो गये हैं, जिससे डबल भीड़ लोगों की हो रही है। बैको की लापरवाही स्थानीय पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है।