ग़ाज़ीपुर- लाॅकडाउन में बिजली विभाग द्वारा मोबाइल पर आया बिजली के दोगुना बिल का मैसेज

प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। कोविड 19 से बचाव के लिए सरकार द्वारा लाॅकडाउन लगाया गया। 25 मार्च को लाॅकडाउन लगते ही सभी दुकानें, कंपनियां आदि बंद होने पर लोग अपने घरों में बैठ गए और लोगों को अपने खर्चे की चिंता सताने लगी। जहां लोगों को नौकरी पर न जाने से सैलरी की चिंता होने लगी वहीं किराए के मकान व दुकान करने वालों को किराया देने की चिंता होने लगी। अब ऐसी स्थिति में जिले वासियों को और बड़ा झटका उस समय लगा जब उनके मोबाइल पर बिजली के दोगुना बिल का मैसेज आ गया। लोगों की चिंता उस समय ओर ज्यादा बढ़ गई जब मैसेज में बिल जमा करवाने की आखिरी तारीख कहीं पर 20 अप्रैल तो कहीं पर 21 मई है। इसको लेकर लोगों में जहां सरकार के प्रति क्रोध है, वहीं बिजली विभाग के खिलाफ भी रोष है। भुतहियाटाड के रहने वाले मम्नेश्वर राय ने बताया कि वो अभी तक विभाग जितने भी बिजली बिल देता था वो सारे समय पर जमा करवाते रहे है। अब वो करीब एक माह से लाॅकडाउन के चक्कर में घर बैठे है, ड्युटी पर नहीं जा रहे। ऐसे में कई दिन पूर्व उनके मोबाइल पर बिजली बिल का मैसेज आ गया, जिसमें पहली बार इतना ज्यादा बिल भी आया। उन्होंने बताया कि इस बार 1500 रूपए का बिल आ गया जब कि इससे पहले उनका छह सौ रुपए से ज्यादा बिल नहीं आता था। इस बार पता नहीं किस हिसाब से विभाग ने बिल भेज दिया है, अब इसके बारे में किससे बात करें। अभी तक वेतन भी नहीं मिला। आगे मिलेगा या नहीं इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। इसलिए बिजली का यह बिल बहुत बड़ा बोझ लग रहा है। इस बाबत गायत्री सिंह ने बताया कि वो सेवानिर्वत है जो पेंशन मिलती है, उसमें केवल घर का गुजारा ही चलता है। परंतु इस बार उनका 4000 रूपए का बिल आ गया। जबकि पहले बिल केवल दो हजार से 2200 रूपए के बीच में ही आता था। आखिरी तारीख भी 30 अप्रैल दी थी। उधर दीनानाथ तिवारी और रवि आदि ने भी बताया कि उनका बिल भी चार हजार रूपए से ज्यादा आने पर उन्हे चिंता होने लगी है। क्योंकि काम -धाम तो पिछले करीब डेढ़ महीने से बंद पड़ा है और बिल इतना ज्यादा आ गया। इस बाबत एसडीओ टाउन शिवम राय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लाकडाउन के चलते अभी किसी भी उपभोक्ता की मीटर रीडिंग नहीं ली जा रही है और अभी जो भी बिल उपभोक्ता के पास आ रहा है, वो उपभोक्ता के पीछे के महीनों के बिल का एवरेज बिल जनरेट करके भेजा जा रहा है।