ग़ाज़ीपुर- समाजवादी मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने श्रमिक कानून को तीन वर्षों के लिए स्थगित करने पर फैसले की प्रतियां जलाकर जताया विरोध

प्रखर ब्यूरो ग़ाज़ीपुर। 13 मई को समाजवादी मजदूर सभा के कार्यकर्ताओं ने योगी सरकार द्वारा श्रमिक कानून को तीन वर्षों के लिए स्थगित करने पर अपने अपने घर पर धरना दिया और योगी सरकार के फैसले की प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया और तत्काल श्रमिक कानून को पूर्ववत बहाल करने की मांग किया।
जिलाध्यक्ष रामधारी यादव एवं समाजवादी मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष शिवशंकर राम ने श्रमिक कानून को स्थगित किए जाने पर रोष जताया और केन्द्र एवं प्रदेश की मोदी-योगी सरकार को श्रमिक-मजदूर विरोधी बताते हुए सवाल किया कि योगी जी बतावें कि किस तरह से अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मौजूदा श्रम कानून रोड़ा बन रहा हैं? उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी श्रमिकों के अधिकारों को स्थगित करने के फैसले के खिलाफ है, हम किसी भी कीमत पर श्रमिक-मजदूरो के अधिकारों पर कुठाराघात नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार का यह फैसला श्रमिक मजदूरों के खिलाफ एक अमानवीय अपराध व दमनकारी कदम हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा बार बार आगाह करने के बावजूद केन्द्र सरकार के हठी, मनमाने एवं ढुलमुल फैसले के चलते आज पूरे देश के गरीब श्रमिक मजदूर भूखे, प्यासे, नंगे सड़कों पर बड़ी तादाद में अपने घर गांव जाने के लिए निकल पड़े है। सरकार उनके खाने-पीने एवं ठहरने की व्यवस्था करने में विफल साबित हुई है। उन्होंने गरीब प्रवासी मजदूरों के खाने पीने, ठहरने एवं जांच तथा इलाज की तत्काल समुचित व्यवस्था करने की मांग किया।