ग़ाज़ीपुर- जिलाधिकारी ने ज़रूरतमन्द लोगों में किया खाद्यान्न का वितरण, ब्लाक परिसर में किया पौधारोपण

प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। जनपद के बाराचवर ब्लॉक पर बुधवार के दिन जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य के द्वारा जरूरतमंदों में खाद्यान्न का वितरण किया गया। बाराचवर ब्लाक के विभिन्न गावों से लोग आये हुए थे। कुल 82 लोगों को डीएम के हाथों खाद्यान्न का वितरण किया गया। वितरण करते वक़्त डीएम ने लोगों से कोटे की दुकानों पर मिल रहे राशन के बारे में जानकारी ली और पूछा कि कोटेदार किसी तरह की मनमानी तो नही कर रहा है न? लोगों ने संतुष्ट का जबाब दिया। खाद्यान्न मिलने के बाद लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिला। खाद्यान्न में पांच किलो चावल, पांच किलो आटा, एक किलो दाल, दो किलो आलू, मशाला, एक लीटर सरसो तेल था। खाद्यान्न के अलावा डीएम ओमप्रकाश आर्य ने सभी को मास्क का वितरण किया और लोगों से कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन लोग अवश्य करें और जिनके पास एंड्राइड मोबाइल है वह आरोग्य सेतू एप्लीकेशन जरूर डाउनलोड करे और मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकले। इस अवसर पर डीएम ने ब्लॉक परिसर में अमरूद का पौधा भी लगाया। वहीं उपजिलाधिकारी राजेश कुमार गुप्ता ने भी ब्लॉक परिसर में सफेदा के पौधे का पौधरोपण किया। जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने बताया कि प्रत्येक ग्रामसभा में बाहर से आये लोगों के लिए निगरानी समिति बनाई गयी है। उन्होंने ग्राम प्रधानों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि बाहर से आये लोगों को जांच कराकर होम क्वारेंटाइन करें। अन्यथा सख्त कार्यवाही की जाएगी। अगर कोई नही सुनता है तो सम्बंधित थानो को सुचित करे। वहीं डीएम ने विभिन्न योजनाओं के बारे में प्रधानों को बताया। उन्होने प्रधानों से कहा कि ग्राम प्रधान यह सुनिश्चित करें कि जो लोग बाहर से आ रहे हैं वह 14 दिन तक बाहर न निकले। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन की समस्या इस वक़्त सबसे बड़ी है। ऐसे में ग्राम प्रधान यह सुनिश्चित करें कि लोगों को मनरेगा के अंतर्गत सौ दिन का रोजगार देना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि एसडीएम के माध्यम से खाली जमीनों जहां नाली, चकरोड और अन्य कार्य होने है को चिन्हित कर दे दिया गया है। जो लोग अपने खेतों में तालाब या पोखरी खुदवाना चाहते हैं वो दो लाख तक मजदूरी के तालाब खुदवा सकतें है। इससे रोजगार सृजन होगा और मनरेगा के अंतर्गत वह खुदाई भी हो सकती है। उन्होंने आगे हिदायत दी कि राशन का कोटे से ठीक ढंग से वितरण हो और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने का कार्य करें, जैसे पेंशन और जॉब कार्ड दिया जाए। बेसहारा लोगों को एक हजार रुपये सरकार दे रही है, उसमे अब तक गाज़ीपुर जनपद में दस हजार लोगों को शामिल किया गया है। लेकिन अभी भी बहुत लोग हैं जो बेसहारा हैं। उनको इस योजना से शीघ्र जोड़ दिया जाए। वहीं एक महिला ने शिकायत किया कि उसके परिवार में 6 बच्चे हैं, लेकिन सिर्फ तीन का ही राशन दिया जा रहा है। बाकी का नाम काट दिया गया है। डीएम ने इसपर अधिकारियों को आदेश दिया कि जल्द ही राशन कार्ड में इनके पूरे परिवार का नाम जोड़ दिया जाए। वहीं असावार के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामनवमी ने कहा कि वह अपने ग्रामसभा में छोटे-छोटे पोखरे खुदवाना चाहते हैं तो डीएम ने कहा कि आप खुदवाईये और यूपीडा वाले आपकी मिट्टी को लेकर चले जाएंगे। टोडरपुर के प्रधान ने बताया कि एक चार बीघे का तालाब उन्होंने खुदवाया लेकिन विवाद की वजह से वह रूक गया है। डीएम ने एसडीएम को शीघ्र इस मामले को देखने के लिए आदेश दिया। पहराजपुर गांव की महिला जिसने अपना नाम जमंती बताया उसने भी शिकायत की। उसने कहा कि उसको पिछले दस माह से राशन नहीं दिया जा रहा है और पहले उसका कार्ड बना हुआ था लेकिन उसके परिवार का राशन कार्ड काट दिया गया। जिसके बाद अधिकारियों ने तुरन्त मामले की गंभीरता को देखते हुए उसका नाम नोट किया।