ग़ाज़ीपुर- कोरोना पॉजिटिव केस पाए गए स्थलों को हॉटस्पॉट घोषित कर किया गया सील

प्रखर ब्यूरो बिरनो/गाज़ीपुर। प्रवासी कामगारों ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा दिया है। ऐसे में अब जिला प्रशासन को प्रवासी मजदूरों और कामगारों के साथ सख्ती से निपटना होगा। बिना कोरोना जांच कराए किसी भी प्रवासी को गांवों में प्रशासन द्वारा गांव में न घुसने दिया जाय, तो बहुत हद तक गांवों में कोरोना महामारी को फैलने से रोका जा सकता है। जिले में बुधवार की रात्रि 2 और गुरुवार की सुबह 4 नए कोरोना पॉजिटिव केस मिले। जबकि दो केश पहले से ही थे। अब कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या ग़ाज़ीपुर में आठ हो गई है। शादियाबाद थाना क्षेत्र के सरायगोकुल गांव और चौकड़ी(चौरा) गांव, भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के कुचौरा गांव, नंदगंज थाना क्षेत्र के राजेपुर गांव, बिरनो थाना क्षेत्र के मोहनपुरवा गांव, भुड़कुड़ा गांव के यक्तियो का कोरोना रिपोर्ट जांच में पॉजिटिव आया है। जिसके चलते पुलिस ने सभी गांवों को सील कर दिया है।
बिरनो थाना क्षेत्र के मोहनपुरवा गांव निवासी एक व्यक्ति की कोरोना जांच रिपोर्ट गुरुवार की सुबह पॉजिटिव मिली। संक्रमित व्यक्ति 11 मई को दिल्ली से ट्रक से आजमगढ़ आये थे और वहां से इनका लड़का बाइक से उन्हें घर लाया। 12 मई को गाजीपुर जांच कराने के लिए गए जहां थर्मल जांच संदिग्ध मिलने पर इनको गाजीपुर रेलवे ट्रेनिंग सेंटर कोरेनटाइन कर दिया गया और स्वैब जांच के लिए बाराणसी भेजा गया। गुरुवार की सुबह इनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई, जिसके बाद मोहनपुरवा और आसपास के गांव में हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन द्वारा मोहनपुरवा गांव को हॉटस्पॉट जोन घोषित कर दिया गया। थानाध्यक्ष सलील स्वरूप आर्दश पुलिस टीम के साथ गांव के सभी रास्ते पर वरिकेटिंग कर गांव को शील कर दिया। गांव पहुचीं सफाईकर्मी टीम ने गांव को सेनेटाइज किया।
इनसेट: अम्बिका अपने दोनों पुत्र पिता और गांव के ही दो ट्रक ड्राइवर के सीधे सम्पर्क में आया था।पांचों लोगों को पुलिस ने गाजीपुर स्थित रेलवे ट्रेनिंग सेंटर में कवारेंटीन किया है।