ग़ाज़ीपुर- कोविड-19 से बचाव के बारे में चिकित्सा अधिकारियों को किया गया प्रशिक्षित

प्रखर ब्यूरो ग़ाज़ीपुर। कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते खतरे को लेकर शुरू हुए लॉक डाउन के बाद स्थगित की गई सेवाएँ एक बार फिर से शुरू की गई हैं। इसके मद्देनजर शनिवार को इन्फेक्शन प्रीवेंशन एंड कंट्रोल (आईपीसी) की प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक में जनपद के सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।
एसीएमओ डॉ. के.के. वर्मा, एसीएमओ डॉ. डी.पी. सिन्हा और जिला सर्विलान्स अधिकारी व एसीएमओ डॉ. उमेश कुमार ने प्रशिक्षण दिया। एसीएमओ डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि मौजूदा समय में कोविड-19 संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऐसे में शासन की ओर से स्वास्थ विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाएं शुरू होनी है। आमजन का आवागमन बढ़ जाएगा, जिसको लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्यरत पैरामेडिकल स्टाफ, आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ ही चिकित्सा अधिकारी कैसे अपना बचाव करें, इसके बारे में चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया, ताकि वह अपने अधिनस्थ कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर कोविड-19 से बचाव कर सकें। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में घड़ी, अंगूठी और हाथों में धागा बांधने से परहेज करें। साथ ही जो कर्मचारी कोविड-19 हॉस्पिटल में ड्यूटी कर रहे हैं वह पीपीई किट का इस्तेमाल जरूर करें। इसके अलावा जो कर्मचारी या डॉक्टर सैंपल कलेक्ट कर रहे हैं, वह भी पीपीई किट का इस्तेमाल आवश्यक रूप से करें। एसीएमओ डॉ. डी.पी. सिन्हा ने बताया कि मौजूदा समय में कोविड-19 से खुद को बचाना है और अपने स्टाफ को सुरक्षित रखना बेहद आवश्यक है। इसलिए मास्क का प्रयोग, साबुन से बार-बार हाथ धोना, सैनिटाइज के प्रयोग के साथ ही आंखों को बचाने के लिए चश्मा का प्रयोग जरूर करें। अपने हाथों को बार-बार मुंह, नाक, कान तक न ले जाएं। एसीएमओ डॉ. के.के. वर्मा ने बताया कि साबुन से हाथों को धोने के समय ‘सुमन के’ का जरूर ध्यान रखें, जिसमें हाथों को साफ करने के तरीके बताए गए हैं। इसके साथ ही कोई भी ऑपरेशन से पहले कोरोना टेस्ट अवश्य करा लें। अगले सप्ताह से जिला अस्पताल में ट्रू नाट से जांच शुरू हो सकती है।