ग़ाज़ीपुर- हमीद सेतु के पश्चिम तरफ की रोलर बेयरिंग खिसकने से पड़ी तीन इंच की दरार, आवागमन बधित

प्रखर ब्यूरो सुहवल/ग़ाज़ीपुर। आखिरकार वहीं हुआ जिसकी आशंका थी, पुलिस की उदासीनता एवं विभागीय लापरवाही के कारण एक बार फिर रविवार की देर शाम को पुलिस प्रशासन में अफरातफरी मच गई, जब उसे इस बात की सूचना मिली कि थाना अन्तर्गत गंगा नदी पर स्थित हमीद सेतु के पीलर नंम्बर छह एवं सात के मध्य ज्वाईंटर नंम्बर 14 की पश्चिम तरफ की रोलर बेयरिंग खिसकने से तीन इंच की दरार पड गई है। इसके बाद क्या था आननफानन में सुहवल एवं कोतवाली पुलिस ने सभी तरह के भारी वाहनों के पुल से होकर आवागमन को रात्रि दो बजे से प्रतिबन्धित कर दिया, जिसके कारण दोनों तरफ वाहनों की लंम्बी कतार लग गई। वहीं दूसरी तरफ लोगों ने आलाधिकारियों से मांग किया है कि जिस तरह से ओवरलोड वाहन पुल से फर्राटा भर रहे है, उसपर सख्ती से रोक लगाई जाए ताकि आवागमन के लिए महत्वपूर्ण इस की सेहत को बिगडने से बचाया जा सके। आए दिन जिस तरह से इस महत्वपूर्ण सेतु जो आवागमन का मुख्य सेतु है। इसके जरिए वाहन अपने गन्तव्य की तरफ गुजरते है। लोगों का कहना है कि जिस तरीके से बेखौफ हो पुलिस की मिली भगत से ओवरलोडिंग का खेल चल रहा है, उसपर अगर सख्ती नहीं की गई तो भविष्य में कभी भी बडी घटना होने से रोका नही जा सकता है। फिलहाल पुलिस ने सभी तरह के भारी माल वाहक वाहनों आने-जाने पर रोक लगा दी है। वहीं मेदनीपुर, सुहवल थाना, कालूपुर, रजागंज, सुखदेवपुर आदि प्रमुख जगहों पर बैरिकेटिंग कर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। लोगों ने कहा कि अगर इस सेतु को बचाना है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को आगे आना होगा, अन्यथा इस पुल को क्षतिग्रस्त होने से बचाया नहीं जा सकता है। वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही सदर कोतवाल धन्नजय मिश्रा मय हमराही संग क्षतिग्रस्त जगह का मौका मुआयना करने के साथ बराबर गस्त कर रहे है। उन्होंने मातहतों को सख्त निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक किसी तरह के ओवरलोड वाहन पुल से न गुजर सके अन्यथा लापरवाही पाए जाने पर संम्बन्धित के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जायेगी। इधर विभिन्न गैर प्रान्तों, जनपदों से होकर ट्रक पर कोयला, सरिया, मोरंग, गिट्टी, खाद्य सामाग्री, सहित अन्य समान लदे अपने वाहनों के साथ चालक इस आस में सडकों के किनारे खडे है कि शायद पुल से उन्हें जाने की हरी झंडी मिल जाए। पुल के क्षतिग्रस्त होने से सभी क्षेत्रीय आमजन पुलिस, परिवहन विभाग, खनन विभाग को कोसते नजर आ रहे है। सबका कहना था कि अगर समय रहते संम्बन्धित विभाग ओवरलोडिंग पर रोक लगाए होते तो शायद आज पुल अपने दुर्दिन समय से नहीं गुजर रहा होता। फिलहाल पुल से सभी तरह के हल्के वाहनों का अभी आवागमन बना हुआ है जो राहत वाली बात है, अन्यथा जिस दिन पुल को सभी तरह के वाहनों के लिए बन्द कर दिया जायेगा लोगों को विषम परिस्थितियों से होकर गुजरना पडेगा। इस मामलें में उपजिलाधिकारी जमानियाँ सत्यप्रिय सिंह ने कहा कि भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। सेतु के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर विभागीय कर्मी देर रात्रि आए थे, जो आज शाम तक फिर आके स्थिति को परखेगे। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग का खेल किसी कीमत पर नही होने दिया जायेगा। इसमें जिसकी भी संलिप्तता पाई जायेगी जांचोपरांत उनपर कडी कार्यवाई की जायेगी।