ग़ाज़ीपुर- मनरेगा रोजगार के दावों की पोल खोल रहा मजदूरों का प्रदर्शन

प्रखर ब्यूरो करंडा/ग़ाज़ीपुर। क्षेत्र के कुचौरा में मजदूरों का प्रदर्शन सरकार के मनरेगा रोजगार के दावों की पोल खोल रहा है। मार्च महीने से ही कोरोना संक्रमण और लाॅकडाउन से बेरोजगार हुए मजदूरों का लाॅकडाउन खुलने के बाद सरकार द्वारा गांव में ही मनरेगा के तहत काम देने के दावे भी झूठे साबित हो रहे हैं। कुचौरा के 45 बेरोजगार मजदूरों ने सोमवार को खण्ड विकास अधिकारी को एक लिखित पत्रक देकर प्रधान, रोजगार सेवक तथा प्रधानपुत्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। कैलाश, त्रिलोकी, पप्पू, बब्लू, राधिका, कांति सहित तीन दर्जन मजदूरों ने अपने शिकायती पत्र में लिखा है कि प्रधान तथा रोजगार सेवक हमेशा नशे में धूत रहते हैं तथा गांव के सम्पन्न लोगों का जाबकार्ड बनाकर कागजों पर ही काम कराकर कार्य का फर्जी भुगतान और धन की बंदरबांट कर रहे हैं तथा जरूरतमंद मजदूरों को भूखे पेट सोने को विवश कर रहे हैं। यही हाल क्षेत्र के हर गांवों में है। वहां प्रधान अपने चहेतों, सीमांत और लघु किसानों सहित अधिकारी पुत्रों के नाम जाबकार्ड बनाकर पैसा उतारा जा रहा है तथा गांव के विकास के लिए आये धन की लूट की जा रही है। एक पूर्व प्रधान ने बताया कि बरसात से पहले मनरेगा से फर्जी मिट्टी का कार्य दिखाकर अधिक से अधिक धन निकाल लिया जाएगा व शिकायत तथा जांच होने पर बरसात में मिट्टी बह जाने की बात कहकर आसानी बचा जा सकता हैं। अब देखना है कि ऐसे भ्रष्टाचार से सरकार कैसे निपटती है।