ग़ाज़ीपुर- मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किया गया गिलोय(गुरूच या अमृता) पौधे का निःशुल्क वितरण

प्रखर ब्यूरो गाजीपुर। नेशनल मेडिसिनल प्लान्ट बोर्ड भारत सरकार के संयुक्त तत्वाधान में गिलोय (गुरूच या अमृता) पौधे का निःशुल्क वितरण विकास भवन सभागार, गाजीपुर में मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में समस्त विकास भवन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 200 पौध वितरण किया गया। पौध वितरण के पश्चात मुख्य विकास अधिकारी ने औषधिय पौधे के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आर्योर्वेद औषधि एक शक्तिशाली औषधि है। जिसके लगातार प्रयोग करने से शरीर की तमाम बिमारियों से निजात मिल सकती है। यह एक रामबाढ़ दवा व दुवा का काम करता है। वर्तमान में गिलोय आधारित औषधियों की मॉग बहुत बढ़ गयी हैं क्योकि यह कोविड़-19 कोरोना वायरस महामारी बिमारी से लड़ने की शारीरिक शक्ति बढ़ाता हैं। इसके अतिरिक्त गिलोय की खेती कर किसान बन्धु या आमजस अपनी आय भी बढ़ा सकते है। इस दौरान रंगबहादुर ने गिलोय औषधि के बारे में बताया कि यह एक बहुवर्षीय लता है, जिसकी पत्ती पान जैसी होती है तथा इसके तने को काटने पर चक्राकार संरचना दिखती है। इसके तने की गॉठे पक्षी की जोंच की तरह दिखती है। इसके पौधों को वृक्ष के पास लगाया जाता हैं। ज्यादातर पौधे नीम के पास ही लगायी जाय इससे बहुत ही फायदामन्द साबित होता हैं। नीम पर चढ़कर विकसित होती है तथा कई वर्षो तक यह पौधा उस पेड़ पर अमरबेल की भॉति जिन्दा रहती है। इस पौधे की जड़ एवं तना वृक्ष से लटकती रहती है। यह मोटापा, ह्दय रोग, मधुमेह रोग जैसे नेत्र विकार, चर्म या त्वचा रोग, ओज क्षय, न्यूरोलॉजिकल समस्याओं, रक्त की कमी इत्यादि रोगो से लड़ने की व ठीक करने की क्षमता रखता है। सभी बार एसोसियेशन एवं बार अधिकारी व कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि अपने-अपने घर या बागीचे में एक एक गिलोय के पौधे लगायी जाये तथा उसका सेवन भी लगातार किया जाय। ये कोविड-19 कोरोना वायरस जैसे महामारी बीमारी भी ठीक कर सकता है। इसी क्रम में पूर्व में राष्ट्रीय ब्यूरो सूर्य कुमार सिंह ने बताया कि ब्लाक स्तर पर कमेटी कठित कर प्रधानो व सचिव के माध्यम से लोगो में गिलोय पौध को निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। इसके फायदे अन्नत है। गॉव का प्रत्येक नागरिक को इस गिलोय की 6 इंच की डण्ठल को तोड़कर अपने घर में ही गिलोय सत्व, काढ़ा या जूस बनाकर प्रतिदिन सेवन करें, जिससे कि वो निःरोग रह सकते है तथा उनके अन्दर व्याधि क्षमत्व (व्याधियों से लड़ने की शक्ति) बढ़ सकती है। इसके सेवन से गॉव या शहर का प्रत्येक व्यक्ति बिना पैसा खर्च किये स्वस्थ रह सकता है, जिससे उनके कार्यो की क्षमता भी बढ़ सकती है। इस क्रम में पौधे वितरण के पश्चात अखिल पाण्डेय(एम.टेक के छात्र) पुत्र हर्षनाथ पाण्डेय रविन्द्रपुरी गाजीपुर ने अपने ही नीम के पेड़ के पास पौधे लेकर पौधरोपण किया। उन्होने कहा कि आयोर्वेद दवायो से हमे बहुत ही लगाव है, जिससे मुझे क्षमता मिलती है।