ग़ाज़ीपुर- खुजली और फंगस के लक्षण दिखते ही कराएं जांच व उपचार- डॉ. के.के. भाष्कर

प्रखर ब्यूरो ग़ाज़ीपुर। चर्मरोगों में खुजली और फंगस इंफेक्शन लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। एंटी फंगस दवा भी बेअसर हो गई है। जो मरीज साधारण इंफेक्शन और दवा से एक-दो हफ्ते में ठीक हो जाते थे, अब उन्हें एक से दो माह तक दवा लेनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में चर्म रोग विभाग में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन कुल मरीजो की संख्या में से 50 से 60 फीसदी मरीज खुजली और फंगल संक्रमण के पहुँच रहे हैं। जिला अस्पताल में तैनात चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ.के.के. भास्कर ने बताया कि मौजूदा समय में खुजली और फंगस के मरीजों की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी हो गई है, जिसकी वजह से इन दिनों इन रोगों के ज्यादा मरीज आ रहे हैं, जिनका इलाज और दवा जिला अस्पताल के द्वारा निशुल्क दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खुजली छोटे कीटाणु माइटस इन्फेक्शन की वजह से होता है, जो एक दूसरे के संपर्क में आने, हाथ मिलाने, एक-दूसरे के कपड़े पहने, दूसरे का बिस्तर और तौलिया का प्रयोग करने से हो रहा है। इस कारण शरीर में पहले छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं और खुजलाने पर फुंसी का रूप ले लेती है। यह दाने अधिकतर उंगलियों के बीच में होते हैं और इसका असर रात के वक्त ज्यादा होता है। फंगस शरीर के नमी वाले हिस्सो में होता है। उन्होंने बताया कि यदि इस तरह के लक्षण किसी भी व्यक्ति को दिखाई दें तो वे तत्काल अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर डॉक्टर से उचित सलाह लेकर दवा लें या जिला अस्पताल पहुंच चर्म रोग विभाग में इसकी जानकारी व परामर्श लें। डॉ. के.के. भास्कर ने बताया कि यदि इन दोनों रोगों के लक्षण लोगों को दिखे तो उन्हें एलर्जी की दवा लेनी चाहिए। साथ ही कपड़ों को गर्म पानी में धुलें, बेडशीट व चादर दूसरों का इस्तेमाल न करें, कपड़ों को तेज धूप में अच्छे से सुखाएं, टाइट कपड़े न पहनें, कपड़ा पहनते समय गर्मी में प्रयोग होने वाले टेलकम पाउडर लगाकर कपड़े पहने, गीले कपड़े का प्रयोग न करें, कॉटन या सूती कपड़े का प्रयोग करे, सिंथेटिक कपड़ों से परहेज करें।