ग़ाज़ीपुर- धूमधाम से निकाली गई पालकी और शोभायात्रा

प्रखर ब्यूरो ग़ाज़ीपुर। हर साल की भांति इस साल भी श्री दुर्गा साईं मंदिर का वार्षिकोत्सव गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान शिरडी वाले सांई बाबा, ऊं सांई राम जैसे गीतों से समूचा नगर गूंज उठा। सांई बाबा के वार्षिकोत्सव पर नगर के नवाबगंज स्थित शीतला मंदिर से निकाली गई। सांईनाथ की पालकी और शोभा यात्रा जिस रास्ते से गुजर रही थी, भक्त निहाल हो रहे थे। फूलों से सजी पालकी के दर्शन और पुष्प अर्पित करने के लिए हर कोई उमड़ पड़ रहा था। पालकी के आगे-आगे घोड़ा, ढोल, ताशा, नगाड़ा, बैंडबाजा और डीजे पर बज रहे थे। भजन की धुन पर भक्त नाचते-झूमते चल रहे थे। शोभायात्रा नवापुरा स्थित श्री दुर्गा शिव सांई मंदिर पर पहुंचकर समाप्त हुई, जहां विधिवत पूजन-अर्चन कर प्रसाद वितरित किया गया। शोभायात्रा में आगे-आगे घोड़े चल रहे थे। कंधे पर बाबा की पालकी लिए भक्त जयकारे लगा रहे थे। पालकी में बाबा की तस्वीर रखी हुई थी, जिसकी एक झलक पाने के लिए सभी बेताब दिख रहे थे। इसके बाद ढोल, नगाड़े, ताशा और डीजे की धुन पर सांईनाथ के भजन बज रहे थे। शिरडी के सांई सबसे महान, सांईराम, सांई राम ओम सांई राम, ओम सांई नाथ आदि भजनों पर लोग मगन चल रहे थे। नवाबगंज से निकली शोभायात्रा नखास, चीतनाथ, टाउनहाल, प्रकाश टाकीज, लालदरवाजा, मिश्रबाजार, महुआबाग, कचहरी रोड, नवापुरा होते हुए मंदिर पर पहुंचकर समाप्त हुई। यात्रा जिस ओर से गुजर रही थी, वहां का वातारण सांईमय हो जा रहा था। पालकी की एक झलक पाने के लिए लोग अपने घरों की खिड़कियों, छतों तथा अन्य स्थानों पर खड़े दिखे। मंदिर पर पहुंचने के बाद पालकी को परिसर में ले जाया गया तथा विधिवत हवन-पूजन, अर्चन किया गया। शाम को बाबा की विशेष आरती की गई। बाबा का प्रसाद खाकर भक्त निहाल हो गए। साईं बाबा पालकी यात्रा के दौरान व्यापक सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी। पुलिस पूरी तरह से चौकन्ना दिखी। यात्रा का तय रुट होने के कारण उस वक्त वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया था ताकि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न न होने पाए। 31 जनवरी को साईं मंदिर के प्रांगण में महाभंडारे का आयोजन किया गया है।