ग़ाज़ीपुर- मामूली विवाद में 2 गांव के बीच चले जमकर लाठी-डंडे और हुई ईंटो की बरसात

प्रखर ब्यूरो सुहवल/ग़ाज़ीपुर। थाना अन्तर्गत आज दिन शनिवार की सुबह करीब आठ बजे दो गावों सरैयां एवं कासिमपुर के लोगों के बीच बीते शुक्रवार की रात को सरस्वती जी की मूर्ती एवं नाटक के रिहर्सल को लेकर हुए मामूली विवाद ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते-ही-देखते दोनों गावं के सैकडों महिलाएँ, पुरूष, बच्चे, युवतियां लाठी – ईंट लेकर आमने-सामने आ एक दूसरे पर जमकर पत्थर बाजी करने लगे, जिसके कारण दोनों गाँव का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर प्रभारी निरीक्षक संजय वर्मा मय पुलिस फोर्स संग घटनास्थल पहुँच स्थिति को नियंत्रण में करने का प्रयास करने लगे। लेकिन दोनों गावं के बवाली लगातार एक-दूसरे पर गाँव -घरों में घुसकर पत्थरबाजी कर रहे थे, जिसके कारण राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन भी पूरी तरह से बंद हो गया और जगह-जगह वाहनों की कतार लग गई। बवालियॊं ने एक बार तो सुहवल प्रभारी निरीक्षक एवं उनकी गाडी को ही घेर कर पथराव शुरू कर दिया। किसी तरह पुलिस वहां से निकल सकी। इस बवाल की सूचना प्रभारी निरीक्षक ने आलाधिकारियों को तुरंत दी। जिसके बाद मौके पर एडीएम राजेश कुमार सिंह, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकाश शुक्ल, तहसीलदार जमानियाँ आलोक कुमार, सेवराईं उपजिलाधिकारी, मय जमानियाँ की सभी सर्किल के थाने, एक प्लाटून पी एस सी, क्यूआरटी सहित भारी संख्या में महिला पुलिस फोर्स संग पहुँच स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करने लगे। काफी मश्क्कत के बाद करीब चार घंटे के बाद 12 बजे पुलिस ने सभी बवालियों को किसी तरह वहाँ से खदेडा, तब जाकर स्थिति को नियंत्रण में किया जा सका। लेकिन अभी भी स्थिति तनावपूर्ण खामोशी बनी हुई है। दोनों गावं के लोगों के बीच हो रहे पथराव के कारण क्षेत्रीय गाँव के लोग भी सहम गये। इस घटना में दोनों पक्ष से करीब दर्जन भर चोटहिल हुए, जिन्हें मेडिकल उपचार के लिए पुलिस संरक्षण में जिलामुख्यालय भेंजा गया है। वहीं पुलिस इस घटना के बाद बवाल के मुख्य कारणों एवं बवालियों को चिन्हित करने में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक सरैयां गाँव के ही कुछ लोग पंडाल में शक्रवार को मूर्ति रखने से लेट होने पर पंचायत भवन में ही मूर्ति रखने एवं नाटक के रिहर्सल को आमदा थे। लेकिन पंचायत भवन की रखवाली कासिमपुर गांव का एक युवक कर रहा था जो अंदर ताला बन्द कर सोया था। गेट खोलने से इंंकार के बाद हुई जमकर तू-तू मैं-मैं शुरू हुई जो आगे चलकर हाथापाई में बदल गई। सूचना पर मौके पर प्रभारी निरीक्षक संजय वर्मा मय पहुँच स्थिति को शांत करा मय रात किसी बवाल की आंशंका के मद्देनजर जमे रहे। बवाल शुरू होते ही गाँव की सभी दुकानें, स्कूल धडा-धड बन्द होने लगे, यहाँ तक की चाय पानी की भी दुकानों के शटर गिर गये। फिलहाल पुलिस किसी भी बवाल के मद्देनजर मौके पर कैंम्प किए हुए है। इधर पुलिस ने दोनों गांव के सभी असलहों के लाईसेंस धारियों के बारे में भी जानकारी जुटाने में जुट गई है। इस मामलें में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकाश शुक्ल ने कहा कि दो गांव के लोगों के बीच हुए विवाद के मुख्य कारणों को पुलिस तलाश रही है, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है, सभी घायलों को मेडिकल मुआयना के लिए भेंज दिया गया है। उन्होंने कहा कि बवालियों को किसी सूरत में नहीं बक्शा जायेगा चाहे वह कोई हो। उन्होंने कहा कि अभी किसी भी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है, मिलने पर आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।