ग़ाज़ीपुर- बारह वर्ष में एक दिन भी मयस्सर नहीं हुआ करोड़ो की लागत से बने पानी टँकी का पानी

प्रखर ब्यूरो भीमापार/ग़ाज़ीपुर। सादात विकास खंड के जगदीशपुर गांव में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बनी पानी टंकी से बारह वर्ष में मुश्किल से एक दिन भी पानी मयस्सर नहीं हुआ। जबसे पानी टंकी का निर्माण हुआ है तब से आज तक एक दिन भी यह टंकी चालू नहीं हुई। इस टंकी के निर्माण के समय जो भूमिगत पाइप लाइन सप्लाई करने के लिए डाली गई तभी उसमें लीकेज की समस्या थी और इस समय काफी छतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जलनिगम के अधिकारी या कर्मचारी कभी इस पानी टंकी की सुधि नहीं लिये।
वर्ष 2007-08 में तत्कालीन बसपा सरकार के क्षेत्रीय विधायक अमेरिका प्रधान की पहल पर मुख्यमंत्री मायावती ने जगदीशपुर गाँव के लोगो के लिए पानी टंकी के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इस पानी की टंकी से ग्राम पंचायत जगदीशपुर के लोगों को ही पानी की सप्लाई होनी थी लेकिन एक करोड़ से अधिक खर्च होने के बाद भी आज तक लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। गर्मी के मौसम में गाँव के लोगों को पीने के पानी के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी टंकी की स्वीकृति होने के बाद लोगों को काफी उम्मीदें थीं कि पीने के लिए शुद्ध जल मिल जायेगा लेकिन अब निराशा हो रही है। यह पानी टंकी आज तक कभी चालू ही नहीं हुई, जिसके कारण गाँव के लोगों ने कनेक्शन लिया ही नहीं। कही भी गांव के सार्वजनिक स्थानों पर भी कनेक्शन नहीं दिया गया। लेकिन जब कभी भी पानी टंकी से पानी की सप्लाई हुई ही नहीं तो कनेक्सन लेकर क्या करेंगे। पानी टंकी से मुख्य पाइप लाइन के जरिए लोगों को घरों तक सप्लाई देनी थी, जिसके लिए पांच इंच की पाइप लाइन बिछाई गई, जो बिछाते ही ब्रस्ट कर गयी। जिसके कुछ समय बाद दूसरी पाइप डाली गई लेकिन वह भी सफल नही हुई, जिससे आज तक करोड़ों रुपए की बनी पानी टंकी शो पीस बनी हुई है और देख भाल के अभाव में जर्जर अवस्था मे हो गई है।
इस संबंध में विभागीय अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि गाँव के सड़क के चौड़ीकरण के समय पाइप लाइन छतिग्रस्त हो गई और इस टंकी को ग्रामप्रधान को वर्ष 2016 में हैंड ओभर कर दिया गया। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विनोद शंकर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमें वर्ष 2016 में बिगड़ी हुई अवस्था में ही हैंड ओभर किया गया और उस समय जेई ने आस्वासन दिया था कि जल्द ही इसे बनवा कर चालू कर दिया जायेगा, लेकिन आज तक कोई भी विभागीय अधिकारी कर्मचारी झांकने तक नहीं आया।