ग़ाज़ीपुर- मुख्य चिकित्साधिकारी ने चिकित्सा अधीक्षक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को किया सम्मानित

– परिवार नियोजन कार्यक्रम में जिले ने पकड़ी रफ्तार

प्रखर ब्यूरो ग़ाज़ीपुर। परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा गाजीपुर सहित पूरे प्रदेश में 01 से 31 जुलाई 2019 तक मनाया गया था, जिसमें महिला एवं पुरुष नसबंदी को प्राथमिकता पर रखा गया था। इसी प्राथमिकता के आधार पर पखवाड़े के तहत जनपद में कुल 1206 महिला नसबंदी की गईं जो प्रदेश में चौथा स्थान लाया था। इस उपलब्धि को अमली रूप में लाने वाले चिकित्सा अधीक्षक, आशा- एएनएम कार्यकर्ता, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, नर्स सहित तमाम लोगों को प्रगति रिपोर्ट समारोह के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जी.सी. मौर्य ने सभी को सम्मानित किया। इस कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभुनाथ ने किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि किसी भी व्यक्ति की तुलना उसके पद या कद से नहीं की जा सकती बल्कि उसके कार्यों से ही उसकी तुलना की जा सकती है। कुछ ऐसा ही कार्य जुलाई माह में चले विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े में आशा, एएनएम और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने कर दिखाया, जिनकी बदौलत गाज़ीपुर को प्रदेश में चौथा स्थान मिला। इतना ही नहीं 13 फरवरी को एक दिवसीय विशेष कैंप में 762 महिला नसबंदी कर प्रदेश में गाज़ीपुर ने पहला स्थान प्राप्तकर सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने जनपद का नाम रोशन किया है। एसीएमओ और नोडल परिवार कल्याण डॉ. के.के. वर्मा ने बताया कि विश्व जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा साल 2018-19 में भी जनपद का चौथा स्थान आया था। इस बार पखवाड़े में पिछले साल की अपेक्षा 140% उपलब्धि हासिल करने के बाद मात्र 11 नसबंदी कम होने के कारण तीसरे स्थान से वंचित रहना पड़ा और चौथा स्थान पर संतोष करना पड़ा है। आज सम्मान पाने के बाद बाराचवर की आशा कार्यकर्ता बंदना देवी ने खुशी जताई और कहा कि इसी तरह हौसला अफजाई होती रही तो वह दिन दूर नहीं जब प्रदेश में गाज़ीपुर का पहला स्थान आ सके। जिला अस्पताल में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्यारेलाल के कार्यों का बखान मुख्य चिकित्साधिकारी ने किया तो प्यारेलाल भावुक हो गए। बताते चलें कि परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नसबंदी अपनाने वाले पुरुषों को प्रतिपूर्ति राशि के रुप में 3,000 रुपये और महिलाओं को 2,000 रूपये की राशि दी जाती है। साथ ही नसबंदी के लिए दंपति को अस्पताल लाने वाली आशाओं को पुरुष नसबंदी पर ₹400 और महिला नसबंदी पर ₹300 का प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जबकि अंतरा इंजेक्शन अपनाने वाली महिलाओं को ₹100 की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं महिलाओं को लाने वाली आशा कार्यकर्ता को ₹100 का राशि दिया जाता है।
इस कार्यक्रम में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. उमेश कुमार, डॉक्टर के.के. सिंह, परिवार नियोजन विशेषज्ञ तबरेज अंसारी, अमित राय सहित सीएमओ ऑफिस के कर्मचारी मौजूद रहे।