ग़ाज़ीपुर- 8 मार्च से 22 मार्च तक मनाया जाएगा पोषण पखवाड़ा

– पखवाड़े की थीम होगी ‘पुरुष सहभागिता’, विभिन्न विभागों का रहेगा सहयोग

– किशोरी, गर्भवती व कुपोषित बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए चलेगा पखवाड़ा

प्रखर ब्यूरो ग़ाज़ीपुर। किशोरियों, गर्भवती और बच्चों में कुपोषण को दूर करने के लिए राष्ट्रीय पोषण अभियान के तहत पोषण पखवाड़ा 08 से 22 मार्च तक पोषण पखवाड़ा चलेगा। पखवाड़े की थीम ‘पुरुष सहभागिता’ रखी गयी है। इस सम्बन्ध में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक शत्रुघन सिंह ने प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों एवं सभी मुख्य विकास अधिकारियों को पत्र जारी कर सूचित किया है। इसको लेकर पूर्व में मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति की बैठक भी की जा चुका है। पखवाड़े में पोषण संबंधी जन जागरूक गतिविधियों का आयोजन समुदाय आधारित किया जायेगा।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडे ने बताया कि इस संबंध में शासन से पत्र आ चुका है। पत्र के अनुसार पखवाड़े में वंचित परिवारों तक पहुँच बनाना, गृह भ्रमण को पखवाड़े का आधार बनाना, परिवार के वरिष्ठ सदस्य जिसमें पुरुष भी शामिल हों उनसे गृह भ्रमण के दौरान अवश्य संपर्क करने पर जोर रहेगा। उन्होंने बताया कि इस पखवाड़े के लिए कई विभागों को दायित्व सौंपा गए हैं, जिसमें पेयजल तथा स्वच्छता, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सूचना विभाग, उद्यान विभाग के साथ ही पंचायती राज व मनरेगा को शामिल किया गया है जो अलग-अलग दिनों में अपनी अलग-अलग गतिविधियां भी करेंगे। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस पखवाड़े में आंगनबाडी कार्यकर्ता द्वारा गृह भ्रमण, सामुदायिक गतिविधियाँ, आशा कार्यकर्ताओं द्वारा महिला बैठक तथा ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवसों का आयोजन किया जायेगा। साथ ही पखवाड़े का फोकस केवल गतिविधि आयोजित करना न हो बल्कि आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता परामर्श पर जोर दें। वह पखवाड़े के दौरान प्रतिदिन ऐसे दो घरों का भ्रमण अवश्य करें जहां 0-2 वर्ष के बच्चे हों। भ्रमण के दौरान ऊपरी आहार की गुणवत्ता तथा विविधता पर अवश्य चर्चा करें। ऊपरी आहार की चर्चा सामुदायिक बैठकों में करनी है। वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ऊपरी आहार पर चर्चा करना जरूरी है। सूचना विभाग द्वारा दूरदर्शन व आईआईएमटी, एफएम व रेडियो पर पोषण संबंधी संदेशों का प्रसारण किया जाएगा। उद्यान विभाग आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण वाटिका के निर्माण को सुनिश्चित करेगा। जहाँ मनरेगा स्वयं सहायता समूहों की बैठक का आयोजन करेगा। वहीं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) के दौरान डायरिया व संक्रमण से बचाव के बारे में लोगों को बताएगा। स्कूलों में परामर्श सत्र आयोजित किये जाएंगे। कक्षा में मॉनिटर नियुक्त कर सभी बच्चे घर से क्या भोजन गृहण कर आये हैं, उनसे इस पर चर्चा की जाएगी। साथ ही साफ-सफाई और स्वच्छता पर चर्चा होगी। पेयजल तथा स्वच्छता विभाग स्वच्छागृही की तर्ज पर पोषण अग्रहरी व पोषण प्रेरक बनाएगा। पंचायती राज विभाग पुरुष सहभागिता बढ़ाने के लिए पोषण गोष्ठी, व्यंजन प्रतियोगिता, बैठक व रैली का आयोजन कर विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।