ग़ाज़ीपुर- चक्रवाती तूफान के कारण दर्जनों मकान धराशायी, उखड़े सैकड़ों पेड़, कई घायल

प्रखर ब्यूरो बहरियाबाद/ग़ाज़ीपुर। क्षेत्र में गुरुवार की रात चक्रवाती तूफान के कारण दर्जनों मकान धराशायी हो गए, सैकड़ों पेड़ उखड़ गये। सैदपुर- चिरैयाकोट मार्ग पर सुभाष विद्या मंदिर इण्टर कालेज के मुख्यद्वार के पास विशालकाय बबूल का पेड़ गिरने से प्रातः नौ बजे तक मुख्य मार्ग पर जाम लगा था। वन विभाग की सक्रियता से सवा नौ बजे सड़क खाली कराया जा सका। इस दौरान अन्य वाहनों के साथ स्कूल वाहन भी फंसे रहे। सुभाष विद्या मंदिर इण्टर कालेज व महाविद्यालय परिसर में लगे दर्जनों सागौन, आम, नीम के पेड़ टूट कर धराशायी हो गए। इनके अतिरिक्त क्षेत्र में सैकड़ों पेड़ों को नुकसान पहुंचा। आंधी-तूफान व ओलावृष्टि का कहर सर्वाधिक किसानों पर टूटा, जिससे किसी के छप्पर व टीनशेड तो उड़े ही उनके खेतों में खड़ी फसलें ओलावृष्टि व तेज हवाओं से धराशाई हो गई, जिससे किसान अपने को ठगा महसूस कर रहा है। रात में आए चक्रवाती तूफान में कस्बा निवासी परवेज, शमीमुलवरा, आफताब आलम, शमशाद अहमद, फखर इमाम, तद्धन अंसारी, नजीम अहमद, तरुण यादव, जगदीश यादव, अशोक यादव के साथ ही नादेपुर निवासी राजेश यादव व विजय यादव के टिनशेड व छप्पर ढह गए, जिसमें दबकर विजय यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें इलाज हेतु वाराणसी ले जाया गया। छप्पर गिरने से अबू नसर घायल हो गए, जिनका इलाज निजी चिकित्सक से कराया गया। कबीरपुर निवासी रमेश मौर्य का कच्चा मकान ढह गया। जितेंद्र सिंह के मकान का बारजा गिर गया। पलिवार निवासी नसरुल्लाह अंसारी का मकान जमींदोज हो गया। इनके अतिरिक्त नादेपुर, खाजेपुर, अकबरपुर, भाला बुजुर्ग, तिसड़ा, भरतपुर, पलिवार, रायपुर, कबीरपुर, फौलादपुर, गहनी, उनरापुर, दरगाह, मलिकनगाँव, आसपुर, थुनिहा, हरतरा, बेंवदा, बघांव, मुबारकपुर, देईपुर, झोटना आदि गांवो में सैकड़ों लोग प्रभावित रहे।