ग़ाज़ीपुर- सड़क हादसे में गम्भीर रूप से घायल सेना के जवान की इलाज के दौरान हुई मौत

प्रखर ब्यूरो सुहवल/ग़ाज़ीपुर। थाना अन्तर्गत बवाडा गाँव निवासी एवं जालंधर में सेना में हवलदार के पद पर कार्यरत अवधेश यादव पुत्र अयोध्या यादव उम्र करीब 44 वर्ष की मंगलवार की सुबह करीब 6 बजे अपने तैनाती स्थल जालंधर में बाईक से ड्यूटी जाते समय सडक हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हो गये, जहाँ उन्हें सेना के वाहन से मिलिट्री बेस हास्पिटल में इलाज के लिए लाया गया लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना सैन्याधिकारियों ने उनके गाँव स्थित परिजनों को मोबाइल फोन से दी। इस हादसे की सूचना पर गाँव सहित परिजनों में कोहराम मच गया। मृत सैनिक का शव सडक मार्ग से सेना के एंम्बुलेंस से आज देर शाम तक आने की उम्मीद की जा रही है। पति के मौत की खबर मिलते पत्नी मंशा यादव सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं सैनिक के मौत की खबर गाँव एवं क्षेत्र में फैलते ही सन्नाटा पसर गया और लोगो का सैनिक के घर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों सहित गणमान्य लोग घर पहुंच शोक व्यक्त करने लगे। परिजनों के मुताबिक सैनिक अवधेश यादव इसी वर्ष के अन्त में रिटायर्ड होने वाले थे। वह रोज की तरह अपने तैनाती स्थल जालंधर जो कि सिग्नल कोर में हवलदार पर तैनात परेड के उपरांत अपने बाइक से आफिस जा रहे थे, इसी दौरान मार्ग के बीच में एक वाहन था अभी वह बगल से होकर गुजरने की सोच रहे थे कि उनके आगे एक युवक आ गया। यह देख वह हडबडा गये, कुछ सोचते इसके पहले ही बाइक वाहन से टकरा गई, जिसके कारण वह गंभीर रूप से जख्मी हो गये। सूचना पर मौके पर यूनिट के सैन्य कर्मी अपने वाहन से पहुँच उन्हें लेकर सीधे आर्मी अस्पताल पहुंचे, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उसके उपरांत सैन्याधिकारियों ने पूरे सैनिक सम्मान के साथ सलामी देने के साथ ही इसकी सूचना उनके गाँव परिजनों को दी। मृत सैनिक को एक पुत्र अमन सिंह यादव एवं पुत्री अंजली सिंह यादव है। मृत सैनिक अवधेश यादव के पिता अयोध्या यादव जो सेना में ही आरनेरी कैप्टन के पद से अवकाश ग्रहण के उपरांत उनका निधन काफी पहले ही हो चुका है, जबकि मां शारदा देवी का भी पहले ही निधन हो चुका है, मृत सैनिक अवधेश यादव की शादी करीब 15 वर्ष पहले नंदगज थाना के सहेडी स्थित बूढनपुर के मंशा यादव के साथ हुआ था। परिजनों के मुताबिक मृत सैनिक करीब 1997 में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुवे थे और वह काफी मिलनसार स्वभाव के थे। परिजनों के मुताबिक मृत सैनिक का अन्तिम दाहसंस्कार बवाडा गंगा तट पर किया जायेगा ।