ग़ाज़ीपुर- पूरे सैनिक सम्मान के साथ मृत सैनिक को दी गई अन्तिम विदाई

प्रखर ब्यूरो सुहवल/ग़ाज़ीपुर। जालंधर में सडक हादसे में मृत थाना क्षेत्र के बवाडा गाँव निवासी एवं सेना में हवलदार पद पर तैनात अवधेश यादव का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर बुधवार की देर रात्रि को करीब एक बजे जालंधर से नायब सूबेदार एस भाष्कर अपने अन्य सैन्य कर्मियों के साथ सडक मार्ग के जरिए एंम्बुलेंस से लेकर सैनिक के पैतृक गाँव पहुंचे। पार्थिव शरीर पहुंचते ही गाँव में चीख-पुकार मच गई परिजन सहित अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। आज सुबह जैसे ही इसकी जानकारी क्षेत्रीय लोगों एवं स्थानीय प्रशासन को हुई तो मौके पर पहुँच गये। सुबह से ही मृत सैनिक के घर जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। लोग पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते रहे। सैनिक का अंतिम दाहसंस्कार बवाडा गंगा तट पर पूरे सैनिक सम्मान के साथ किया गया। मुखाग्नि एक लौते पुत्र अमन सिंह यादव के देते ही वहाँ माहौल पूरी तरह से गमगीन हो गया। 39 जीटीसी वाराणसी के सेंटर कमाडंर एवं ब्रिगेडियर हुकुम सिंह बैंसला की तरफ से 39 जीटीसी वाराणसी के सूबेदार दीवान सिंह थापा ने पुष्प चक्र अर्पित किया, जबकि स्थानीय प्रशासन की तरफ से सुहवल प्रभारी निरीक्षक संजय वर्मा, उपनिरीक्षक राजेश कुमार गिरी, प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष एवं मेदनीपुर ग्राम प्रधान दीपक सिंह सहित सैकडों लोगों ने पुष्प चक्र अर्पित कर सैनिक को अन्तिम बिदाई दी। सैनिक की अन्तिम यात्रा आज दिन बृहष्पतिवार को सुबह करीब 9 बजे “जब तक सूरज चांद रहेगा अवधेश यादव का नाम रहेगा” गगनभेदी नारों के बीच शुरू हुई, जिसमें सैकडों लोगों शामिल रहे। करीब एक घंटे के उपरांत मुख्य मार्ग से होते हुए यात्रा बवाडा गंगा तट पर पहुंची जहाँ वैदिक मंत्रोचार, सैनिक सम्मान के बीच वह पंचतत्त्व में विलीन हुए। इस दौरान पत्नी मंशा देवी, पुत्र अमन सिंह यादव, पुत्री अंजली सिंह यादव सहित अन्य सभी परिजन पूरी तरह से बदहवाश रहे। गाँव में पूरी तरह से मरघट सा सन्नाटा पसरा था। मालूम हो कि बीते मंगलवार की सुबह अपने तैनाती वाले जगह जालंधर में हवलदार अवधेश यादव रोज की तरह परेड के बाद बाईक से अपनी ड्यूटी जा रहे थे कि कुछ ही दूरी पर एक वाहन से उनकी बाईक की टक्कर हो गई, जिससे वह गंभीर रूप से चोटहिल हो गये। सूचना पर निकट यूनिट के पहुंचे सैन्यकर्मियों ने उन्हें तुरंत आर्मी अस्पताल ले गये। जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना उनके परिजनों को सैन्याधिकारियों ने दी। उसके उपरांत वहाँ पूरे सैनिक सम्मान के साथ मृत सैनिक को अन्तिम विदाई दी गई।
सैनिन के इस अन्तिम यात्रा में ग्राम प्रधान दीपक सिंह, लेखपाल विजयशंकर सिंह, युवा समाजसेवी धन्नजय सिंह बाचा, पूर्व प्रधान ओंमप्रकाश यादव, श्रीप्रकाश सिंह, राकेश यादव, दिनेश सिंह, बृजेश यादव, दिलीप श्रीवास्तव, शिक्षक संघ के नेता शिवशंकर यादव, प्रधान मुसाफिर राम, प्रधान अटल सिंह आदि सैकडों की तादात में लोग शामिल रहे ।