पूर्वांचल में पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज, वाराणसी के फूलपुर से

दुबई से दिल्ली फ्लाइट से, दिल्ली से वाराणसी ट्रेन से पहुंचा था युवक

कई और पॉजिटिव मरीजों की मिलने की बन रही पूरी संभावना

प्रखर वाराणसी। पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में है । वही भारत में भी कोरोना वायरस की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। इसी क्रम में पूर्वांचल में अभी तक कोई भी कोरोना वायरस वायरस से पॉजिटिव मरीज नहीं पाया गया था, लेकिन शनिवार को वाराणसी के फूलपुर निवासी एक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। साथ ही जिलाधिकारी ने उसके गांव में किसी को ना जाने की हिदायत भी दे डाली है। बतादे कि 30 वर्षीय युवक ग्राम छितौरा सहमलपुर, थाना फूलपुर, तहसील पिंडरा, वाराणसी का रहने वाला है। BHU में टेस्टिंग लैब द्वारा नॉवेल कोरोना पॉजिटिव पाया गया है।
यह व्यक्ति 17 मार्च को दुबई से दिल्ली फ्लाइट से आया था, औऱ ट्रैन से 18 मार्च को वाराणसी आया और टेम्पो से अपने गांव पहुचा था। वही बताया जा रहा हज कि 19 मार्च को वह दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में दिखाने गया। इसको गले मे खराश थी। इसका सैंपल BHU भेजा गया जिसके बाद ये सैंपल शनिवार को पॉसिटिव पाया गया। बतादे की डीएम के आदेश पर उसके पूरे गांव को लॉक डाउन कराया जा रहा है। प्रशाशन पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई है। इसमें लोगो का आना और जाना प्रतिबंधित रहेगा। इसके पूरे गांव की थर्मल सकैंनिग कराई जाएगी। इसके घर वालो की आज सम्पलिंग कराई जाएगी। वही जिला प्रशासन ने फूलपुर क्षेत्र के उक्त युवक के परिजनों को घर में आइसोलेट कराने के साथ उसके पूरे गांव में नॉकडाउन करा दिया है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि 30 वर्षीय युवक सऊदी अरब में दुबई और अबुधाबी के बीच संचालित एक क्रूज में रसोइया का काम करता है। छह मार्च को वह घर से दुबई गया था। दुबई में कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए वह 16 मार्च को अबुधाबी एयरपोर्ट से वाराणसी रवाना हुआ था। 17 मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा। वहां से 18 मार्च को ट्रेन से घर आया था। खांसी और जुकाम से पीड़ित युवक 19 मार्च को पांडेयपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में दिखाने के लिए पहुंचा था। उसी दिन डॉक्टरों ने उसका सैम्पल लेकर जांच के लिए बीएचयू स्थित प्रयोगशाला में भेज दिया था। युवक को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प मच गया। डीएम के निर्देश पर सीएमओ डॉक्टरों की टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और युवक का हाल जाना। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि पीड़ित में गले में खराश के अलावा कोई अन्य लक्षण नहीं मिले हैं। इसके अलावा डीएम ने बताया कि युवक के गांव में बाहर के लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पूरे गांव को आइसोलेट किया गया है। गांव के सभी लोगों को सेल्फ आईसोलेशन में रखा गया है। आज यानी रविवार को गांव के सभी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करवायी जाएगी। बताया कि गांव की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं। युवक के घर में माता-पिता, पत्नी और एक बेटा है। उनके साथ दो रिश्तेदार भी रहते हैं। रविवार को उनके भी सैंपल लिए जाएंगे। डीएम के अनुसार युवक संक्रमण की आशंका से मास्क लगाए रखता था। वह जिला अस्पताल भी मास्क लगाकर पहुंचा था। बतादे कि शनिवार को नौ साल की एक बच्ची व महिला समेत कुल चार नए कोरोना संदिग्धों को भर्ती किया गया। इनमें तीन वाराणसी के रहने वाले है जबकि एक बेगूसराय बिहार का रहने वाला है। इनके स्वाब का नमूना ले लिया गया है। जिसकी जांच माइक्रोबायोलॉजी विभाग के वायरोलॉजी में होगी। वाराणसी की नौ साल की बच्ची व 51 साल की एक महिला के अलावा बनारस व बेगुसराय के लगभग 36 साल के दो लोगों का लक्षणों के आधार पर उपचार किया जा रहा है। 24 घंटे बाद इनकी रिपोर्ट आने की संभावना है। बतादें कि शुक्रवार को कोरोना वार्ड में में एक भी संदिग्ध भर्ती नहीं था। बीते दो सप्ताह में बीएचयू में भर्ती सभी कोरोना संदिग्धों की जांच रिपोर्ट निगेटिव रही। नए मरीजों को मिलाकरअब तक बीएचयू पहुंचे संदिग्धों की संख्या 29 हो गई है। सर सुन्दरलाल अस्पताल के एमएस प्रो. एसके माथुर ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित एक भी मरीज नहीं मिला है। अस्पताल से छुट्टी देने के बाद इन संदिग्धों को कोरेंटाइन का निर्देश दिया जाता है। इन मरीजों का पता जिले के सीएमओ और डीएम को भेज दिया जाता है ताकि कोरेंटाइन पर निगरानी रखी जा सके।