गरीबों के लिए उम्मीद की किरण बनकर आए समाजसेवी बहादुर

प्रखर नगरा बलिया । लॉक डाउन में रोज कमाने और खाने वालों की हालत खराब होने लगी है । सड़को के किनारे प्लास्टिक का घर बनाकर गुजर बसर करने वाले बसफोर जाति के लोगो के समक्ष भुखमरी की स्थिति उतपन्न होने की जैसे ही सूचना मिली युवा समाजसेवी व शिक्षक राज बहादुर सिंह अंशु तुरन्त मदद के लिये पहुंच गये । कोरोना वायरस ने हर किसी को 21 दिन के लिए बंधक बना दिया है। जिससे गरीबों और मजदूरों की रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नवगठित नगरा नगर पंचायत में बहुत ऐसे दिव्यांग, वृद्ध व विधवा है जिनका कोई सहारा नहीं है। ऐसे लोगो के घरों में चूल्हा जलता रहे,इसलिए युवा शिक्षक राज बहादुर सिंह अंशू उनके मदद के लिए उतर आए है। उन्होंने लाल जी, सूरज, लच्छू, अमरजीत, जितेंद्र, पप्पू सहित आधे दर्जन से अधिक बसफोरो को राशन का पैकेट प्रदान कार अपने संकल्प को गति प्रदान किया। साथ ही श्री सिंह ने जरूरतमंद लोगो के राशन आदि के लिए एक किराना की दुकान को फ्री करा दिया है, जहा से लाक डाउन के दौरान वे अपनी आवश्यकता की बस्तुओ को ले सकें।शिक्षक राज बहादुर सिंह अंशू ने बताया कि ऐसे बहुत ऐसे वृद्ध, विधवा व विकलांग लोग है जिन्हे लाक डाउन में खाने पीने की व्यवस्था करने में काफी दिक्कत हो रही है। ऐसे लोगो के पास खाने-पीने और जरूरी सामानों की कमी न हो, इसके लिए हम लोगो मे खाद्य पदार्थो को वितरित कर रहे है। राशन के पैकेट में दाल, चावल, और चीनी रखी गई है। श्री सिंह ने कहा कि मेरे द्वारा सोशल मीडिया से भी लोगो तक सूचनाएं पहुंचाई जा रही है,ताकि जरूरतमंद लोगों को उनके घर तक जाकर मदद दी जा सके। कहे कि जरुरतमंदो में राशन वितरण करते समय सोशल डिस्टेंस का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसी क्रम में थाना परिसर में शनिवार को प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पांडेय ने असहाय गरीब महिलाओं में राशन का पैकेट वितरित किया। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक ने महिलाओं को कोरोना वायरस के बारे में बताते हुए उन्हें साफ सफाई से रहने, बार बार हाथ धोने, मास्क लगाने, दूरी बनाकर रहने तथा घर में रहने के बारे में समझाया।