नवरात्र, रामनवमी में छूट नहीं मिली तो रमजान के मौके पर खास राहत क्यूं?- रोशन पाण्डेय

क्या नवरात्र में कोरोना वायरस ज्यादा डेंजरस था जो रमजान में उसका असर कम हो गया- रोशन पाण्डेय

प्रखर वाराणसी। हिन्दू नेता रोशन पाण्डेय ने रमजान के मौके पर खोले जा रहे दुकानों पर सबाल उठाते हुए कहा कि जब देश में कोरोना मरीजों की संख्या के लगभग 200 थी तभी संपूर्ण भारत को लाॅक डाउन कर कड़ाई से पालन कराया गया था जिसमें हिन्दूओं के प्रमुख पर्व नवरात्रि, रामनवमी जैसे प्रमुख त्योहारों पर सख्ती बरती गई थी लेकिन जब आज देश में 26 हजार से ज्यादा मरीजों की संख्या है तो रमजान के मौके पर खास राहत क्यूं दिया जा रहा है? रोशन पाण्डेय ने कहां कि मैं पूछना चाहता हूं भारत सरकार एवं राज्य सरकार से कि आखिर देश के बहुसंख्यक समुदाय के साथ इतना भेदभाव क्यों? मैं पूछना चाहता हूं कि क्यों सरकार एक महीने की कड़ी मेहनत पर पानी फेरना चाहती है जबकि इसी मुस्लिम समुदाय जमातियो के द्वारा देश भर में कोरोना को फैलाया गया है इसके बावजूद इन लोगों पर सख्ती बरतने के बजाए विशेष छूटें क्यो दिया जा रहा है? रोशन पाण्डेय ने कहां कि सरकार मुसलमानों को सिर्फ़ छूट ही नहीं दे रही है बल्कि हर मुस्लिम घरों में परिवारों की संख्या गिनकर उसके हिसाब से इफ्तार की सामान भी उनके घरों तक प्रशासन के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है और ये हम सभी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।