पूर्वांचल में कोरोना टेस्ट तीन दिन के लिए रुका, बीएचयू की साइंटिस्ट हुई कोरोना पॉजिटिव

लैब के सभी 14 लोगों को कोरेन्टीन किया गया, 3 दिन तक लैब किया जाएगा सेनेटाइज

प्रखर वाराणसी। जिले में कोरोना के कहर ने सभी को सोच में डाल दिया है। सबसे बड़ी समस्या अब वाराणसी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को झेलनी पड़ सकती है। दरअसल काशी हिंदू विश्वविद्यालय में कोरोना की जांच अब नहीं हो पाएगी। इसकी वजह लैब में कार्यरत एक महिला स्टाफ की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आ गई है, जिसके बाद लैब को सील कर दिया गया है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि वाराणसी जनपद में आज एक कोरोना पॉजिटिव केस पाया गया है। कोरोना पॉजिटिव 35 वर्षीय महिला काशी हिंदू विश्वविद्यालय में साइंटिस्ट की पोस्ट पर हैं। ये माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट की कोरोना टेस्टिंग लैब में कार्य करती हैं। उन्होंने बताया कि इस केस को मिलाकर वाराणसी में 61 कुल कोरोना पॉजिटिव केस हो गए हैं । यह साइंटिस्ट चेतगंज क्षेत्र के बाग बरियार सिंह की रहने वाली हैं। जिसे आज जनपद का 25वां हॉटस्पॉट बनाया जा रहा है। इनके सभी घर के सदस्यों की सैंपलिंग कराई जाएगी तथा इनके हॉटस्पॉट व बफर जोन में सभी लोगों की स्क्रीनिंग तथा सिंप्टोमेटिक लोगों की टेस्टिंग भी कराई जाएगी। इसके लिए अलग से स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाई जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय की टेस्टिंग लैब जिसमें यह कार्य करती थी उसके द्वारा 13 जनपदों के कोरोना सैंपल टेस्ट किए जा रहे हैं। यह केस आने के बाद इस लैब को 3 दिन के लिए बंद करके पूरी तरह सैनिटाइज किया जाएगा तथा सारी सरफेस क्लीनिंग की जाएगी। इसलिए 3 दिन तक इसमें 13 जनपदों के सैंपल नहीं लिए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग उत्तर प्रदेश के द्वारा इन सभी 13 जनपदों के लिए दूसरे जिलों में वैकल्पिक लैब की व्यवस्था निर्धारित कर दी गई है। वाराणसी और चंदौली ज़िलों के लिए KGMU लखनऊ को निर्धारित किया गया है, जहां उनके सैंपल आने वाले 3 दिन के लिए भेजे जाएंगे। 3 दिन के उपरांत इस लैब को अब नए ट्रेनिंग प्राप्त डॉक्टर्स व कर्मचारियों के द्वारा चलाया जाएगा। अभी तक इस लैब में कार्य करने वाले सभी लोगो को 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है।