वाराणसी। बेबीनार में यूपी का टूटा रिकॉर्ड, 6500 रजिस्ट्रेशन

आकर्षक परिवेश अभिभावक की पहली प्राथमिकता- जिलाधिकारी

प्रखर वाराणसी। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प किया जा रहा है। जनपद वाराणसी में इसे गति प्रदान करने के लिए आज जनपद स्तरीय वेबीनार गूगल जूम द्वारा आयोजित की गई। इसमें जनपद के समस्त शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक,ग्राम प्रधान व सचिव को शामिल होना था। इसमें प्रतिभाग करने हेतु 6471 रजिस्ट्रेशन हुए तथा 4425 लोग सम्मिलित हुए जो अब तक का एक रिकॉर्ड है। इसके अतिरिक्त अन्य लोग यूट्यूब वह फेसबुक पेज पर देखे।इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री कौशल राज शर्मा ने कहा कि विद्यालयों का आकर्षक होना पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों के आकर्षक भवन अभिभावकों को ज्यादा आकर्षित करते हैं न कि वहां की योग्यता। जिलाधिकारी महोदय द्वारा यह भी कहा गया कि कायाकल्प के लिए धन की नहीं बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।यदि इच्छाशक्ति हो तो बिना उपलब्ध धन के अन्य लोगों के सहयोग से भी विद्यालय का कायाकल्प किया जा सकता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री राकेश सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनपद में विद्यालयों के कायाकल्प का कार्य तेजी से चल रहा है। जनपद के सभी विद्यालयों को फाइव स्टार रेटिंग तक पहुंचाना हम सब का पहला लक्ष्य है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय ने कहा कि वर्तमान समय में कई विद्यालयों में अच्छा कार्य हो रहा है और कुछ विद्यालय पहले से ही अच्छे हैं। विद्युतीकरण की समस्या पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री सिंह ने कहा कि जहां भी कोई समस्या आ रही है वह मुझसे किसी भी संपर्क कर सकते हैं। मैं व्यक्तिगत तौर पर महाप्रबंधक महोदय से संपर्क कर समाधान का प्रयास करूंगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में जिलाधिकारी महोदय, मुख्य विकास अधिकारी महोदय, डीपीआरओ महोदय द्वारा विद्यालयों के कायाकल्प के लिए सराहनीय सहयोग रहा है। जिलाधिकारी महोदय हमेशा आगे रहकर सहयोग के लिए तैयार हैं। मैं पूरे बेसिक शिक्षा परिवार की तरफ से आप सभी का आभारी हूं ।कार्यशाला में यूनिसेफ की टीम के रिसोर्स पर्सन विवेक उपरेती कुमार द्वारा बताया गया कि कायाकल्प का कार्य कराते समय मुख्य रूप से यह ध्यान रखना चाहिए कि इनका उपयोग बच्चों द्वारा किया जाना है विद्यालय के कार्य बाल मैत्रीय होने चाहिए इनके द्वारा बताया गया कि किस प्रकार छोटी-छोटी सावधानियां भरत कर निर्माण करते समय शौचालय मूत्रालय को व्यवस्थित बनाया जा सकता है यूनिसेफ की टीम द्वारा यह भी बताया गया कि विद्यालयों के खुलने पर किस प्रकार छोटी-छोटी सावधानियां भरत कर हम कोविड-19 से बस सकते हैं कार्यशाला में जिला समन्वयक निर्माण अभय सिंह तथा जिले के अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।