झाड़-फूंक के चक्कर में बीएचयू से भागा गाजीपुर का मरीज रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद टीम पहुंची तो उसकी हो चुकी थी मौत और अंत्येष्टि

पूरे परिवार का लिया गया सेंपल और झाड़-फूंक करने वाले बाबा की तलाश

प्रखर गाजीपुर। कोरोना का इलाज कराने की जगह झाड़-फूंक के चक्कर में एक युवक की जान चली गई है। बतादे कि मामला गाजीपुर के युवक का है , जो बीएचयू में सैंपल देने के बाद वहां भर्ती होने से ठीक पहले भाग गया था। जब शनिवार को बीएचयू से रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम युवक के घर पहुंची तो मौत और अंत्येष्टि की जानकारी मिली तो सभी हैरान रह गए। अब उसके परिवार वालों की सैंपलिंग के साथ ही झाड़फूंक करने वाले बाबा की तलाश हो रही है। इससे पहले जिले में कोरोना से कोई मौत नहीं हुई थी। शनिवार को आई 19 लोगों की पॉजिटिव रिपोर्ट के साथ ही गाजीपुर में संक्रमितों की संख्या 277 हो गई है। इसमें 168 ठीक हो चुके हैं। मिली जानकारी के अनुसार गाजीपुर के करंडा का रहने वाला युवक मुंबई में नौकरी करता था। गुरुवार 18 जून को वह ट्रेन से लौटा तो कोरोना जैसे लक्षणों के कारण जिला अस्पताल पर सैंपलिंग के लिए भेजा गया। वहां पता चला कि सैंपलिंग के बाद रिपोर्ट आने तक जोनल ट्रेनिंग सेंटर पर बने क्वारंटीन सेंटर में रहना होगा। ऐसे में युवक ने कहा कि बीएचयू में सैंपलिंग कराएगा। निजी वाहन से परिवार के एक दो लोगों के साथ युवक बीएचयू पहुंच गया।
बताया जाता है कि बीएचयू में फार्म भरा और सैंपलिंग कराई। यहां भी कोरोना जैसे लक्षणों के कारण डाक्टरों ने भर्ती होने के लिए बोल दिया। बीएचयू के मेडिकल स्टाफ ने होल्डिंग एरिया में युवक को बैठाया और उसके साथ आए व्यक्ति को पूरा सामान देकर अस्पताल के कपड़े पहनने को बोल दिया। मेडिकल स्टाफ युवक के लिए बेड तैयार करने लगे। इसी बीच वह अस्पताल से भाग निकला। अब बीएचयू अस्पताल पर भी यह आरोप लग रहे हैं कि भागने के बाद युवक का पता क्यों नहीं लगाया गया। ऐसी लापरवाही कहीं बड़ी घटना या बड़ी बड़ी संख्या में लोगों को पॉजिटिव ना कर दे।