बीजेपी गाजीपुर में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं, जिला अध्यक्ष पर भाजपा नेता डॉ मुकेश सिंह ने उठाए सवाल!

– विकास पुरुष मनोज सिन्हा की हार के पीछे जिला संगठन के कमजोर लोग

– चारों प्रमुख चुनाव वर्तमान जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में बीजेपी हारी है

प्रखर गाजीपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता और युवा कार्यकर्ता डॉ मुकेश सिंह ने आखिरकार जिले की संगठन इकाई पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आखिर प्रदेश के सबसे असफल जिलाध्यक्ष को दोबारा जिले की कमान क्यों सौंपी गई। भाजपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष पर हमला बोलते हुए मुकेश सिंह ने सवाल खड़ा किया कि उनके नेतृत्व में बीजेपी को पंचायतचुनाव, विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव और नगर पालिका चुनावों के दौरान बड़ी हार का सामना करना पड़ा इसके बावजूद उन्हें जिलाध्यक्ष बनाया जाना भाजपा के साथ बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है। डॉ मुकेश सिंह ने कहा कि पूरे पूर्वांचल में गाजीपुर जितना विकास किसी और जनपद में नहीं हुआ है इसके बावजूद विकास पुरुष मनोज सिन्हा का पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा वोटों से हारना जिलाध्यक्ष की योग्यता और गाजीपुर के बीजेपी संगठन पर बड़ा सवाल खड़े कर रहा है। बता दें कि 2019 के दिसंबर में प्रदेश में जिला अध्यक्षों की नई घोषणा हुई है । मुकेश सिंह ने कहा कि आश्चर्य की बात रही कि इतने महत्वपूर्ण चुनाव जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में हारने के बाद भी उनके नाम पर मुहर लगना वाकई संगठन और शीर्ष नेतृत्व में वर्तमान जिला अध्यक्ष की पहुंच को दर्शाता है। लेकिन यहीं से सवाल खड़ा होता है कि क्या सिर्फ किसी व्यक्ति विशेष की पैरवी पर जिलाध्यक्ष चुन देना आम कार्यकर्ताओं को निराश करना नहीं है। बता दें कि इस बार भी गाजीपुर जिलाध्यक्ष का चुनाव वीटो की वजह से हुआ है। क्योंकि वर्तमान जिलाध्यक्ष के पास चंद मंडल अध्यक्षों का समर्थन था। गौरतलब है कि डॉ मुकेश सिंह उन चंद नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी का झंडा उस समय उठाया था जब प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की सरकार थी।जबकि डॉ मुकेश सिंह का परिवार राजनीतिक रूप से बहुजन समाज पार्टी के बहुत ही करीब था। यही नहीं समाजवादी पार्टी में भी उनके परिवार की अच्छी खासी पकड़ है। इसके बावजूद डॉ मुकेश ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए उसके नीतियों पर आगे बढ़ने का काम किया और गाजीपुर में भारतीय जनता पार्टी के संगठन को लगातार सहयोग और समर्थन करते रहे।