स्मृति ईरानी ने काशी की रैली में सावरकर के बहाने राहुल गांधी पर बोला हमला

-पैराशूट पॉलिटक्स कर रहे हैं कांग्रेसी नेता
– अंग्रेजों की नीति को कांग्रेस ने बनाया  संस्कार
प्रखर वाराणसी। मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित बीजेपी की रैली को संबोधित करते हुए केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने एक बार फिर राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।  स्मृति ने कहा कि राहुल गांधी की 10 पीढियां भी वीर सावरकर जैसा साहस नहीं पैदा कर सकती हैं।  सम्मूपर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में सीएए के समर्थन में आयोजित जनसभा में केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने विश्व से भारत का अस्तित्व मिटाने के लिए देश का बंटवारा धर्म के आधार पर किया था। गोरों की इसी नीति को कांग्रेस ने अपना संस्कार बना लिया है। कांग्रेस जब महाराष्ट्र की सत्ता में आयी तो वीर सावरकर को गाली देने लगी। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि अमेठी की जनता ने जिसे वहां से भगा दिया है वह कहते हैं कि मैं राहुल सावरकर नहीं बन सकता हूं। मुझे यह कहना है कि राहुल गांधी की १० पुश्त भी खत्म हो जाये तो वह वीर सावरकर जैसा साहस नहीं दिखा सकते हैं। स्मृति ईरानी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) हिन्दुस्तान की हकीकत बन गया है। बापू ने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों को सम्मान न मिले तो उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भारत की है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने बापू के कथन के स्वीकार करने के साथ साकार भी किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने परिवार हित के लिए ही देश का बंटवारा धर्म के आधार पर होना स्वीकार किया है। ईरानी ने कहा कि कांग्रेसी नेता पैराशूट पॉलिटिक्स कर रहे हैं। कभी सड़क पर नमाज पढ़ते हैं तो कभी काशी आकर शिवालय में दर्शन करते हैं। पुलिस पर पत्थर मारने वालों के घर जाते हैं। सीएए को लेकर अफवाह फैलाते हैं। संजय राउत ने बयान दिया था कि कांग्रेस की बड़ी नेता करीम लाला से मिलती थी। एक तरफ कांग्रेस ने आपातकाल के नाम पर देश के बड़े नेताओं को जेल भेजा था तो दूसरी तरफ करीम लाला को खुला छोड़ दिया था। ऐसे लोगों को ही मोदी सरकार सीएए कानून  लेकर आयी है।