सरकार द्वारा हटाई गई धारा 21 शिक्षकों के पीठ में छुरा भोंकने के बराबर-  शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी रमेश सिंह

प्रखर वाराणसी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष रमेश सिंह ने पत्रकार वार्ता के दौरान सरकार व शिक्षक विधायकों पर तमाम आरोप लगाए । उन्होंने कहा कि सरकार ने हम शिक्षकों के लिए हथियार  होने वाली धारा 21 को हटाकर हम शिक्षकों के पीठ में छुरा भोंकने का काम की हैं। धारा 21 की वजह से हम शिक्षक अपनी लड़ाई मजबूती से लड़ा करते थे, लेकिन सरकार ने इस धारा को हटाकर शिक्षकों के हाथ पांव काट दिए हैं। अब शिक्षक अपनी बात को मजबूती से नहीं रख सकते। बतादे उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष व शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी रमेश सिंह ने जेपी मेहता इंटर कॉलेज वाराणसी में रविवार की दोपहर पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अपनी तमाम बातों को रखा। उन्होंने कहा कि मैं शिक्षकों की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ता रहूंगा और उनके साथ खड़ा रहूंगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी का चुनाव इसलिए लड़ रहा हूं कि मैं शिक्षकों को उनका हक दिला सकूं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर मैं एमएलसी बनता हूं तो तब तक पेंशन सरकार द्वारा नहीं लूंगा तब तक मैं अपने शिक्षक भाइयों को पेंशन नहीं दिला देता। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों की लड़ाई इस समय रिटायर व कमजोर नेतृत्व के हाथ में है, जिसकी वजह से शिक्षकों की बात मजबूती से सरकार में नहीं पहुंच पा रही। क्योंकि तमाम शिक्षक विधायक सेवानिवृत्त के बाद भी इस एमएलसी का चुनाव लड़ते हैं, तो यह लोग क्या वर्तमान शिक्षकों की बातों को सरकार के सामने रख पाएंगे। अंत मे रमेश सिंह ने अपना 3 संकल्प भी बताया पहला संकल्प धारा 21 की पुनः बहाली, दूसरा संकल्प विचारधारा की लड़ाई आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 31 मार्च 2024 को मैं अवकाश ग्रहण कर लूंगा, उसके बाद से संगठन में किसी पद पर नहीं रहूंगा, ना ही शिक्षक निर्वाचन का चुनाव लड़ूंगा। बल्कि संगठन के बैनर तले कार्यकर नेतृत्व का अनुगामी बना रहूंगा। साथ ही तीसरा व अंतिम संकल्प यह हैं कि चुनाव जीतने के बाद मैं विधान परिषद सदस्य के रूप में मिलने वाली पेंशन को तब तक नहीं लूंगा, जब तक पेंशन विहीन साथियों को पुरानी पेंशन दिलवा नहीं देता।