बीएचयू कुलपति के खिलाफ हिंदी विरोधी का आरोप लगाते हुए घर-घर बांटे जा रहे पर्चे

-बीएचयू में हिंदी भाषियों का बैनर लगाकर विरोध

प्रखर वाराणसी। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की साख देश के सर्वोच्च विश्वविद्यालयों में एक है। तमाम विद्यमान स्थापित करने वाला यह विश्वविद्यालय पिछले 2 सालों से विरोध और कैंपस ने बवाल को लेकर चर्चा में रहा है। पिछले दिनों संस्कृत विभाग में मुस्लिम प्रोफेसर की नियुक्ति का विवाद निपटने के बाद अब बीएचयू में उसके मौजूदा कुलपति प्रो राकेश भटनागर के खिलाफ हिंदी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू हो गया है। बतादें कि प्रो राकेश भटनागर के खिलाफ विरोध का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। धरना-प्रदर्शन, विरोध मार्च, पोस्टर और होर्डिंग वार के बाद अब घर-घर में पर्चा बांटने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कुलपति विरोधी छात्रों का समूह वीसी को हिंदी विरोधी करार देते हुए उनसे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने सर्वोच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की मांग की है। बता दें कि विरोध करने वालों ने रविवार को जो पर्चे बंटवाए हैं इसमें कुलपति पर हिंदी भाषा के अपमान के साथ ही नियुक्तियों में अनियमितता और एक विशेष विश्वविद्यालय के प्रति लगाव का जिक्र किया गया है। बता दें कि इसके पहले पोस्टर चिपकाकर कुलपति का विरोध किया जा रहा था। ये पोस्टर बीएचयू सिंह द्वार के सामने लंका चौराहे से भगवानपुर, मंडुवाडीह, सामनेघाट, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, रवींद्रपुरी आदि इलाकों में चिपकाए गए हैं। इसमें कुलपति को हिंदी विरोधी बताते हुए इस्तीफे की मांग की गई।