राम मंदिर निर्माण के लिए प्रयागराज में बीएचपी की बैठक, जुटेंगे 300 संत

– राम मंदिर निर्माण की तारीखों के अलावा अन्य मुद्दों पर चर्चा
– रामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष नित्य गोपाल दास भी होंगे शामिल
प्रखर प्रयागराज। तीर्थ नगरी प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान विश्व हिंदू परिषद ने आज 21 जनवरी को एक बैठक बुलाई है जिसमें देशभर से जुटे करीब 300 संत हिस्सा लेंगे बता दें कि इस बैठक में राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नित्य गोपाल दास भी शामिल होंगे । गौरतलब है कि देश की सर्वोच्च अदालत ने अयोध्या में राम जन्मभूमि पर फैसला देते हुए इसके निर्माण के लिए भी सरकार को निर्देश दिए थे । उसके बाद तमाम ट्रस्ट और संगठन मंदिर निर्माण के लिए सामने आए लेकिन अभी तक इस पर कोई स्वरूप तय नहीं हो सका है। बता दें कि राम मंदिर निर्माण की लड़ाई वर्षों से लड़ रही विश्व हिंदू परिषद ने माघ मेले के दौरान अपने पंडाल में राम मंदिर का प्रतिरूप भी रखा है।जानकारी के अनुसार इस मीटिंग में राम मंदिर के मॉडल और मंदिर निर्माण की तारीख पर भी चर्चा होगी। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में देश भर के करीब 300 बड़े संत हिस्सा लेंगे।इस बैठक में राम मंदिर निर्माण की तारीख के अलावा गाय, गंगा, बढ़ती जनसंख्या और धर्मानान्तरण पर भी चर्चा होगी। बतादें कि अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद माघ मेले में पहली बार वीएचपी की मीटिंग हो रही है।
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में वीएचपी के पंडाल में प्रस्तावित राम मंदिर का मॉडल भी पहली बार माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रखा गया है।
 इससे पहले यह मॉडल कुंभ मेले के दौरान ही प्रयागराज में रखा जाता रहा है। इस बैठक में प्रमुख रूप से रामजन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष नित्य गोपाल दास महाराज, मद्य सम्प्रदाय के जगत गुरु कृष्णाचार्य महाराज, गुजरात से अविचल महाराज और जूना पीठ के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद महाराज के साथ संग समिति के महामंत्री जितेंद्र नन्द सरस्वती समेत कई बड़े संत महात्मा इस बैठक में हिस्सा लेंगे। बता दें कि विश्व हिंदू परिषद ने राम मंदिर निर्माण के लिए जो संघर्ष लगातार किया है उसी का परिणाम रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसके निर्माण की सारी बाधाएं दूर कर दी हैं। अब इसके निर्माण के लिए देश के प्रधानमंत्री,गृहमंत्री  से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक लगातार जनसभाओं में इसकी भव्यता और विशालता की बातें जनता के बीच रखते हैं। लेकिन अब तक इसके निर्माण पर कोई सार्थक पहल नहीं हुई थी। माना जा रहा है कि विश्व हिंदू परिषद के इस बैठक के बाद राम मंदिर निर्माण की तारीखें जल्द ही घोषित हो जाएंगी ।