वाराणसी में पाकिस्तानी आईएसआईएस एजेंट गिरफ्तार

दो बार जा चुका है पाकिस्तान, पाकिस्तान के कई लोगों से संबंध

प्रखर वाराणसी। देश की खुफिया जानकारी को पाकिस्तान तक पहुंचाने वाले एक 23 वर्षीय आईएसआईएस एजेंट राशिद अहमद को आर्मी इंटेलिजेंस और यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया है। बता दें कि राशिद मार्च 2019 से व्हाट्सएप के जरिए पाकिस्तानी एजेंटों अमन और आसिफ के संपर्क में बना हुआ था। बताया जा रहा है कि उसने सेना सीआरपीएफ कैंप की फोटो वाराणसी मुंबई अमेठी रायबरेली अयोध्या के संवेदनशील स्थलों की तस्वीरों के साथ लखनऊ में सीवर एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन का वीडियो व फोटो इत्यादि उसके मोबाइल में पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि लंका क्षेत्र के छित्तूपुर का राशिद, चंदौली के मुगल सराय थाना क्षेत्र के पड़ाव चौरहट नई बस्ती में नाना के घर रहता था। कराची की मलिन बस्ती और औरंग ईटाउन स्थित अपनी मौसी हसीना के यहां वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वह अगस्त 2017 व दिसंबर 2018 तथा जनवरी 2019 के बीच दो बार गया हुआ था। इसके अलावा 2018 में दूसरी बार कराची में मौसेरे भाई साजिद के जरिए आईएसआई एजेंटों के संपर्क में आया था । बताया जा रहा है कि वही पर एजेंटों ने उससे भारतीय मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप एक्टिवेट करवाया और भारत की खुफिया जानकारी मांगने की बात कही। जिसके बाद भारत लौटने के बाद यह वह व्हाट्सएप के जरिए भारतीय संवेदनशील स्थलों की तस्वीरें व जानकारियां साझा करने पर इसे उपहार व रुपए मिलने लगे। जिसकी लालच में वह लगातार खुफिया जानकारी पाकिस्तान को भेजता रहा। वहीं जुलाई 2019 में आर्मी इंटेलिजेंस को जानकारी मिली कि वाराणसी से व्हाट्सएप के जरिए गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान भेजी जा रही हैं, जिसके बाद इस पर निगरानी शुरू हुई। निगरानी में आर्मी इंटेलिजेंस और यूपी एटीएस को इसका जिम्मा सौंपा गया। जिसके बाद राशिद को चिन्हित किया गया, वही बिना किसी जानकारी के उसे 16 जनवरी को उठाकर पूछताछ किया गया, जिसमें सभी आरोप सही साबित हुए और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारियां भेजने के एवज में पाकिस्तानी एजेंटों ने राशिद को मई 2019 में पाकिस्तान के राष्ट्रीय रंग का टीशर्ट दिया था। जुलाई 2019 में 5000 रुपये भी दिए थे। बता दें कि राशिद आठवीं पास साइन बोर्ड लगाने का काम करता था। अजमेर और मुंबई भी उसका आना-जाना रहा। क्योंकि छित्तूपुर में इसके पिता इदरीस अहमद दूसरी शादी करके यहीं पर रहते थे। पति से तलाक के बाद राशिद को लेकर उसकी मां शहजादी पड़ाव स्थित अपने मायके में रहा करती थी। वही शहजादी दूसरी शादी अजमेर में कर दी गई। वहीं इसके पिता इदरीश अपने दूसरे परिवार के साथ इस समय मुंबई में रहते हैं। इसके अलावा और भी जानकारियां निकाली जा रही हैं।