मोहम्मद जौहर अली विश्वविद्यालय से 100 बीघा जमीन वापस लेगी सरकार

– आजम खान पर जमींदारी उन्मूलन कानून तोड़ने का आरोप

– प्रयागराज राजस्व बोर्ड कोर्ट ने सुनाया फैसला

प्रखर लखनऊ । जिस मोहम्मद जौहर अली विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय बनाने के लिए आजम खान ने तमाम कायदे कानूनों की बखिया उधेड़ते हुए अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर भव्य बनाया था। उस पर धीरे-धीरे योगी सरकार का शिकंजा कसता जा रहा है। बता दें कि जौहर विश्वविद्यालय के लिए जुटाई गई जमीन में से अब 100 बीघा जमीन राजस्व विभाग वापस लेने की तैयारी में है। बतादें कि प्रयागराज स्थित राजस्व बोर्ड कोर्ट ने योगी सरकार को निर्देश दिया है कि वो आजम खान के विश्वविद्यालय से लगभग 100 बीघा जमीन वापस ले ले। राजस्व बोर्ड कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि समाजवादी पार्टी के नेता ने ये 100 बीघा जमीन 12 दलितों से खरीदी है। जिसके लिए आजम खान ने यूपी जमींदारी उन्मूलन और भू-सुधार कानून का उल्लंघन किया है। लिहाजा राजस्व बोर्ड इसका क्रय विक्रय को अवैध घोषित करते हुए योगी सरकार को यह जमीन वापस लेने का निर्देश दिया है। बता दें कि अगर योगी सरकार विश्वविद्यालय से एक बीघा जमीन वापस लेती है तो विश्वविद्यालय का मौजूदा स्वरूप बड़े स्तर पर प्रभावित होगा। बता दें कि यूपी की एक अदालत ने पिछले ही हफ्ते आजम खान को एक मामले में भगोड़ा घोषित किया है। गौरतलब है कि रामपुर की एडीजे कोर्ट ने आजम खान, उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्लाह आजम को कोर्ट में पेश होने का नोटिस दिया था। इसके बावजूद आजम खां का परिवार अदालत में एक बार भी हाजिर नहीं हुआ है। कोर्ट में गैरहाजिर होने के चलते आजम खान की मुनादी भी कराई गई इसके बावजूद आजम खान और उनका परिवार अब तक कोर्ट नहीं पहुंचा है। यही नहीं आजम खान को कोर्ट ने उनके बेटे अब्दुल्ला आजम द्वारा पेश किए गए नकली जन्मप्रमाण पत्र के मामले में भी समन भेजा था।