धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने पर हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी,कहा किसी धर्म में नहीं लिखा

– जौनपुर के शाहगंज में मस्जिद पर लाउडस्पीकर बजाने का मामला

– लाउडस्पीकर लगाने के मांग को कोर्ट ने किया खारिज

प्रखर प्रयागराज। मस्जिद पर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट पहुंची एक याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी भी धर्म में पूजा-अर्चना के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल का उल्लेख नहीं है। बता दें कि जौनपुर के शाहगंज तहसील के बद्दोपुर गांव निवासी मसरूर अहमद द्वारा याचिका दायर कर मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति मांगी गई थी जिसे न्यायमूर्ति पंकज मिताल और न्यायमूर्ति वीसी दीक्षित की पीठ ने खारिज कर दिया है। बता दें कि इस मामले में जिला प्रशासन ने मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाने से रोक लगा दिया था। जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरकरार रखा है। गौरतलब है कि शाहगंज के तत्कालीन एसडीएम ने 12 जून, 2019 को इस आधार पर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति देने से मना कर दिया था । उनका कहना था कि इससे गांव के दो धार्मिक समूहों के बीच दुर्भावना पैदा होगी और इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है क्योंकि उस इलाके में मिली-जुली आबादी है। कोर्ट ने इसी मामले पर तीखी टिप्पणी देते हुए कहा है कि किसी भी धार्मिक ग्रंथ में लाउडस्पीकर लगाने की बात नहीं कही गई है।