वाराणसी से पकड़े गए राशिद के जरिए पाकिस्तान द्वारा सीएए व एनआरसी के विरोध के समय बड़ी घटना की थी तैयारी

आईएसआईएस राशिद के जरिए वाराणसी में तैयार करना चाहता था स्लीपर सेल का जाल
राशिद के ताऊ ने कहा हमारा उससे कोई लेना-देना नहीं,  गोली मार दो
प्रखर वाराणसी। एटीएस व आर्मी इंटेलिजेंस के द्वारा पकड़े गए वाराणसी के निवासी राशिद अहमद जो पिछले 1 वर्ष से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआईएस के संपर्क में था। उसके पकड़े जाने के बाद कई और खुलासे निकल कर सामने आए हैं। बता दें कि प्राप्त जानकारी के अनुसार राशिद के जरिए आईएसआईएस बनारस के पूरे क्षेत्र में स्लीपर सेल का जाल बिछाने की तैयारी में था। साथ ही यह भी पता चला है कि पाकिस्तान की आईएसआईएस राशिद के जरिए सीएए व एनआरसी विरोध के दौरान की तस्वीरें इसलिए मंगाई गई थी कि इसमें कोई बड़ी घटना की जा सके। साथ ही इन तस्वीरों के माध्यम से ऐसे लोगों को लक्ष्य बनाना था कि जिन्हें विरोध के नाम पर आसानी से गुमराह किया जा सके खुफिया विभाग के अनुसार आईएसआईएस के लोग देश में स्लीपिंग मॉड्यूल विकसित करना चाहते थे। पाक की नापाक तरीके से अंजाम देने की फिराक में थे, ये सभी। इसमें ऐसे लोगों की तलाश की जाती है जिन्हें आसानी से गुमराह किया जा सके। राशिद भी इसी माड्यूल का हिस्सा बना। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राशिद को भी बनारस व आसपास के क्षेत्रों में स्लीपिंग मॉड्यूल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अभी तक इसका खुलकर कुछ पता नहीं चल सका है। साथ ही यह भी मालूम चला है कि इसके लिए उसे रुपए और शादी का लालच भी दिया गया था। इसके अलावा उसे पाकिस्तान में ट्रेनिंग देने के बाद यहां से महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें मांगे जाने के साथ ऐसे लोगों को भी जोड़ने के आदेश दिए गए जो बनारस में रहकर आईएसआईएस के लिए काम कर सकें। बता दें कि इस मामले में राशिद के संपर्क में जितने लोग थे। सभी लोग खुफिया एजेंसियों के रडार पर है। सभी से पूछताछ की जा सकती है। इसके अलावा राशिद अहमद पाकिस्तान के प्रति काफी फेसबुक पर भी प्रेम दिखाता था। 22 सितंबर 2017 को उसने फेसबुक पर एक पोस्ट डाला, जिसमें लिखा आई लव माय पाकिस्तान साथ ही अन्य प्रकार के भड़काऊ मैसेज भी फॉरवर्ड किया करता था। इसके अलावा तथ्यों के आधार पर राशिद के सोशल मीडिया अकाउंट व उनसे जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
राशिद के ताऊ ने कहा हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं गोली मार दो
प्रखर वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में कार्यरत सेना से सेवानिवृत्त राशिद के ताऊ मोहम्मद सलीम ने कहा है कि मेरा भतीजा देशद्रोही हो गया है। उसे सरकार को गोली मार देनी चाहिए। अगर सेना में रहते हुए मुझे यह मौका मिला होता तो मैं उसे पहले गोली मार देता। सरकार मेरी भी जांच करवा सकती है, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। ऐसे देशद्रोही भतीजे से मेरा कोई संबंध नहीं है ।वहीं पुलिस द्वारा गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षा के बाबत इस तरह की बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है। साथ ही राशिद के जरिए पुलिस इससे जुड़े लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई कर सकती है।