महंत आवास का एक हिस्सा गिरा, काशी विश्वनाथ धाम में चल रहा है काम

 -350 साल पुराना रजत सिंहासन मलबे में दबा
-हादसे में चल पंचवदन रजत प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने से बची
प्रखर वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट  विश्वनाथ कॉरिडोर का काम जोर शोर से चल रहा है। बता दें कि मकर संक्रांति के दिन विश्वनाथ धाम का विधिवत पूजन कर काम शुरू किया गया था। इसके लिए काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के आसपास के सैकड़ों मकानों का अधिग्रहण कर उसे वहां से हटा दिया गया था। इसी कड़ी में  विश्वनाथ मंदिर के महंत का आवास भी मंदिर प्रशासन ने अधिग्रहित किया था। लेकिन महंत परिवार के आग्रह के बाद उन्हें होली तक वहां रहने की अनुमति दी गई थी। लेकिन बगल के मकानों को गिराने की प्रक्रिया में महंत का मकान भी भरभरा कर गिर गया जिसके कारण बाबा विश्वनाथ की चल पंचवदन रजत प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने से बच गयी है। जबकि सिंहासन के रंगभरी एकादशी के मंच का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। महंत डा.कुलपति तिवारी ने बताया कि बहू के गहने और घर-गृहस्थी के सामान मलबे में दब गये हैं। हादसे में परिजनों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों की माने तो भवन से सटे एक अन्य मकान को जेसीबी से तोड़ा जा रहा था इसके थोड़ी देर बाद ही महंत आवास का एक हिस्सा भरभराते हुए गिर गया। मलबे में लगभग 350 वर्ष पुराना रजत सिंहासन दबकर क्षतिग्रस्त हो गया है। रंगभरी एकादशी का मंच भी दब गया है। मकान गिरने की जानकारी मिलते ही वहां पर आस-पास के लोगों के साथ मंदिर से जुड़े व्यक्ति भी पहुंच गये और हादसे की जानकारी ली। महंत परिवार इन दिनों अपने आवास पर था और वसंत पंचमी पर बाबा के तिलकोत्सव की तैयारी में जुटा हुआ है। गौरतलब है कि काशी विश्वनाथ धाम का काम  कार्यदायी संस्था को १८ माह के अंदर प्रोजेक्ट पूरा करके देना है। पहले ही कई मकान तोड़े जा चुके हैं और कुछ मकान बचे हुए हैं उनका मामला भी सुलझा कर प्रशासन उनका अधिग्रहण करने में लगा हुआ है।