बलिया से वाराणसी पहुंची गंगा यात्रा का भव्य स्वागत 

-पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र पहुंची गंगा यात्रा
– केंद्रीय मंत्री से लेकर प्रदेश के डिप्टी सीएम हुए शामिल
प्रखर वाराणसी। पांच दिन तक चलने वाली गंगा यात्रा बलिया से चलकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंची। जहां उसका स्वागत केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ने स्वयं किया । बता दें कि 27 जनवरी सोमवार को बलिया में इस गंगा यात्रा का शुभारंभ प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के हाथों हुआ था। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में मंगलवार को गंगा यात्रा पहुंचने पर नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक मारकण्डे वर्मा के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया। इस
यात्रा में केन्द्रीय मंत्री डा.महेन्द्र नाथ पांडेय, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर मौजूद रहे।  बलिया से चल कर गाजीपुर होते हुए यात्रा बनारस पहुंची है। यहां से 29 जनवरी को रवाना होगी। गंगा यात्रा को देखते हुए विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। काशी क्षेत्र मे गंगा यात्रा का भव्य तैयारी पर जल शक्ती मंत्री महेंद्र सिंह ने इसके संयोजक मारकंडेय वर्मा को बधाई दी। गौरतलब है कि इस गंगा यात्रा का मुख्य उद्देश्य निर्मल गंगा के प्रति लोगों को जागरूक करना है। गंगा सिर्फ लोगों के पास ही नहीं धूलती है। अर्थव्यवस्था मजबूत करने का भी बड़ा साधन बन सकती है। यह यात्रा गाजीपुर से होते हुए गंगा यात्रा रजवाड़ी के रास्ते बनारस पहुंची है। यहां पर सैकड़ों की संख्या कार्यकर्ता ने यात्रा का स्वागत किया। गंगा यात्रा में शामिल लोगो पर फूल-माला बरसाये गये। रजवाड़ी पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने प्रतीकात्मक गंगा आरती भी की। यात्रा में बाइक सवार कार्यकर्ता भी चल रहे थे, जिनकी टीशर्ट पर स्वच्छ गंगा के प्रति लोगों को जागरूक करने के स्लोगन लिखे थे। विभिन्न रास्तों से होते हुए गंगा यात्रा राजघाट पहुंची। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि गंगा आस्था ही नहीं अर्थव्यवस्था भी है। बता दें कि इस यात्रा का मूल उद्देश्य गंगा के किनारों पर जीरो बजट में खेती करने का प्रस्ताव दिया जा रहा है । इस यात्रा में गंगा के दोनों तट में १०० प्रतिशत आर्गेनिक खेती के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया गया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ थे गंगा किनारों पर फलदार वृक्ष लगाने वालों को प्रोत्साहन राशि भी देने का वादा किया है।  बता दें कि बनारस से हल्दिया तक बनने वाले जलमार्ग के लिए केंद्र सरकार गंगा के किनारों को अधिक से अधिक आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए प्रयासरत है इसके लिए तमाम उपायों पर जोर दिया जा रहा है जिसमें गंगा में
 नौकायन, क्रूज, ईको टूरिज्म आदि शामिल है।