फर्जी पासपोर्ट मामले में फिर एक अफगानी गिरफ्तार, सब इंस्पेक्टर समेत तीन निलंबित

वाराणसी में पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान शुक्रवार को पकड़ा गया था एक अफगानी नागरिक
आजमगढ़ के निजामाबाद निवासी पासपोर्ट एप्लीकेशन करने वाले दुकानदार की पुलिस को तलाश
प्रखर वाराणसी/आजमगढ़। वाराणसी में इन दिनों फर्जी पासपोर्ट का मामला दिनों दिन बड़ा होता नजर आ रहा है। वही मात्र दो दिन पहले फर्जी पासवर्ड पासपोर्ट बनवाने के आरोप में एक अफगानी नागरिक को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद पुनः रविवार को आजमगढ़ पुलिस ने कोलकाता से दूसरे अफगानी नागरिक को भी फर्जी पासपोर्ट बनवाते हुए गिरफ्तार कर लिया। वही फर्जी पासपोर्ट बनवाने की रिपोर्ट लगाने के आरोप में एक सब इंस्पेक्टर व दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। बड़ा सवाल यह है कि अगर इस तरह के कारनामे वाराणसी जैसे शहर में हो रहे हैं, तो कोई बड़ी घटना भी हो सकती है। साथ ही पुलिस का कहना है कि इस पर और गहराई से जांच की जा रही है कि फर्जी पासपोर्ट मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही एसपी का कहना है कि अगर कोई भी इस मामले में शामिल होता है तो उस पर सख्त एवं कड़ी कार्यवाही की जाएगी। बतादे कि मिली जानकारी के अनुसार आजमगढ़ पुलिस ने कोलकाता से उसे गिरफ्तार किया है। वही रविवार देर शाम ट्रांजिट रिमांड पर उसे लेकर पुलिस आजमगढ़ पहुंची है।इसके अलावा पासपोर्ट का वेरिफिकेशन करने वाले सब इंस्पेक्टर दिनेश पाठक और बीट सिपाही राहुल सिंह सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया है। बतादे कि शुक्रवार को वाराणसी में फर्जी कागजात पर पासपोर्ट बनवाते अफगानी युवक आबिद अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया गया था। वही दूसरी तरफ आजमगढ़
के फूलपुर स्थित चमराडीह निवासी साहबे आलम ने उसका पहले वोटर कार्ड फिर आधार कार्ड बनवाया है।  जिसके बाद वह पासपोर्ट बनवा रहा था ताकि कुवैत में उसकी नौकरी लग सके। लेकिन बतादे कि कुवैत ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान, इराक और सीरिया के नागरिकों के लिए वीजा बैन कर रखा है। बताया जा रहा है कि इसीलिए अब्दुल्ला ने साहबे के जरिए भारतीय पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की जिस में कामयाब नहीं हो सका।  इसके अलावा पासपोर्ट मामले में शनिवार को पुलिस ने साहबे आलम को भी आजमगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। मेरी जानकारी के अनुसार गिरफ्तारी के बाद पता चला कि उसने एक और अफगानी युवक करीमदुल्ला का इसी तरह पहले भी पासपोर्ट बनवा चुका है। साथ मामला बढ़ने के बाद पुलिस करीमदुल्ला के बारे में सूचना जुटाने लगी तो पता चला कि अभी तक उसे कुवैत का वीजा नहीं मिला है और कोलकाता में मौजूद है। तत्काल आजमगढ़ पुलिस कोलकाता पहुंची और करीमदुल्ला को गिरफ्तार कर लिया । दूसरी तरफ एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि यह करीमदुल्ला 3 महीने पहले ही अपने वैध पासपोर्ट से काबुल से कोलकाता आया हुआ था और इसके बाद भारतीय पासपोर्ट से इसने कुवैत के लिए वीजा अप्लाई किया था। इस दौरान उससे वहां के लोगों से दोस्ती हो गई। पूछताछ में उसने बताया कि अफगान नागरिकों को कुवैत में वीजा नहीं मिलता है।
लेकिन भारतीय पासपोर्ट पर वीजा भी आसानी से मिल जाता है और नौकरी भी मिलने में कोई दिक्कत नहीं आती। इसी वजह साहबे आलम के जरिए उसने यहां का पासपोर्ट हासिल किया था। उन्होंने बताया कि साहबे आलम कुछ वर्ष पूर्व कुवैत में रहकर काम किया है।वही वाराणसी पुलिस के अनुसार आजमगढ़ में फूलपुर के चमराडीह के साहबे आलम 29 वर्ष अपने जिले में ही अफगानी युवक आबिद अब्दुल्ला 26 वर्ष को पहले मतदाता पहचान पत्र, फिर उसके बाद आधार कार्ड बनवाया था। बताते  चले कि कार्ड बनने के बाद वह पासपोर्ट बनवाने बनारस पहुंचा था, जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पासपोर्ट बनवाकर कुवैत भेजवाने के लिए आबिद ने साहबे आलम को 20 हजार रुपये दिये थे।  अफगानिस्तान के गर्दिश प्रांत के एबदबा के सलामखेर गांव निवासी आबिद अब्दुल्ला साहबे आलम के संपर्क में था।  पुलिस ने बताया कि इसके लिए साहबे आलम ने पहले आबिद का मतदाता पहचान पत्र मो. जावेद के नाम से  चमराडीह के पते पर बनवाया था। जिसमें आबिद के पिता का नाम लौटू था। यह मतदाता पहचान पत्र आजमगढ़ के निजामाबाद स्थित एक दुकान से स्कैनिंग कर 50 रुपये में बनवाया हुुुआ था। इसके बाद आबिद मेडिकल वीजा पर 11 जनवरी को भारत आया। जिसके बाद 6 दिन तक वह दिल्ली में रहा। इसके बाद 16 जनवरी को साहबे आलम ने पासपोर्ट बनवाने के लिए आजमगढ़ आने के लिए कहा। और 17 जनवरी को आबिद आजमगढ़ पहुंचा और साहबे आलम के घर पर रूका। पहुंचने के बाद आबिद के आधार कार्ड के लिए आवेदन किया।   वही 24 जनवरी को आधार कार्ड नंबर जारी हो गया था। जिसके बाद 25 जनवरी को आधार कार्ड डाउनलोड करने के बाद पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया। और 31 जनवरी को महमूरगंज स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पर उसे डाक्यूमेंट के वेरिफिकेशन के लिए बुलाया गया था। बता दें कि  महमूरगंज स्थित पासपोर्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान  भारतीय लैंग्वेज नहीं आने की वजह से आबिद यहां पर पकड़ा गया। लेकिन  उस दिन साहबे आलम वहाँ से भाग गया। साथ ही साहेब आलम ने आबिद का मेडिकल वीजा भी फाड़ दिया। वही साहबे आलम ने पुलिस को बताया कि घर की माली हालत ठीक न होने के कारण मजबूरी में इस काम में लगा था। दोनों पर धोखाधड़ी, फर्जी तरीके से कागजात तैयार करने और विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। दोनों की गिरफ्तारी करने वाली टीम में भेलूपुर इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय, एसआई मुकेश तिवारी, प्रकाश सिंह, राहुल यादव, सिपाही राजन पांडेय, विनीत सिंह शामिल थे। वही दूसरी तरफ निजामाबाद के दुकानदार समेत तीन की तलाश निजामाबाद में जिस दुकान से अफगानी युवक आबिद का फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनवाया गया था, पुलिस उसके समेत दो अन्य की तलाश कर रही है। तीनों इस पूरे मामले में संलिप्त रहे। एसपी सिटी ने बताया कि एक अन्य अफगानी युवक का पासपोर्ट बनवाने के मामले में फूलपुर पुलिस साहबे आलम पर कार्रवाई करेगी। वही एसपी सिटी ने बताया कि पकड़ा गया अफगानी युवक आबिद देश में किसी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल नहीं रहा है। ना ही किसी तरह के संगठन से उसका संबंध रखता है।
साथ ही भारत को मित्र राष्ट्र बताया। कहा कि काम की लालच में वह फंस गया। वही अफगानी युवक के पास से एक मोबाइल फोन, उसका अफगानिस्तान का पासपोर्ट, भारतीय आधार कार्ड, वोटर कार्ड और आजमगढ़ निवासी युवक के पास से दो मोबाइल फोन, आपाती आउटपास प्रमाणपत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड बरामद किया गया।