रातों-रात वाराणसी की लंका हो गई उजाड़ वाटिका

काफी दिनों से होनी थी कार्रवाई अचानक रात में वीडीए ने किया दोस्ती करण

प्रखर वाराणसी । वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ठीक सामने लंका स्थित करीब 30 दुकानें वीडीए द्वारा अवैध घोषित की गई थी, जिनको कई बार नोटिस भेज कर नोटिस भेजकर यह सूचना दी गई कि अपनी दुकान यहां से हटा ले लेकिन लोगों ने ऐसा नहीं किया। जिसके बाद वीडीए ने कार्यवाही करते हुए रातों-रात दुकानों को जेसीबी द्वारा तोड़कर ध्वस्त कर दिया। जिसका जमकर विरोध किया जा रहा है। ध्वस्तीकरण का लगातार विरोध जारी है। वहीं प्रखर पूर्वांचल ने जब बुधवार को दुकानदारों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि हमारी दुकानें काफी वर्षों से यहां पर मौजूद है वीडीए जबरदस्ती हमारी दुकानों का ध्वस्तीकरण की हैं। जिससे हमारी रोजी-रोटी पर संकट आ चुका है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि आखिरकार किन कारणों से दुकानों का दोस्ती करण किया गया। बतादे कि कामधेनु अपार्टमेंट के सामने की दुकानों को हटाने के लिए पिछले कई दिनों से प्रयास चल रहा था। वीडीए ने रविवार को भी उनके ध्वस्तीकरण का प्रयास किया था लेकिन दुकानदारों ने कोर्ट के स्टे का हवाला देते हुए उस दिन भी काफी विरोध किया था। उस दिन जिलाधिकारी से वार्ता के बाद उन्हें सोमवार तक की मोहलत मिली थी। सोमवार को वीडीए ने कोर्ट के आदेश की प्रतीक्षा की। पक्ष में फैसला आने के बाद मंगलवार रात 8. 30 बजे के आसपास वीडीए के अधिकारी भेलूपुर के सीओ सुधीर जायसवाल और कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। बता दें कि दोस्ती करण के पहले बिजली काट दी गई और कई जेसीबी द्वारा दुकानों को तोड़कर जमीदोह कर दिया गया। तोड़ने से पहले माइक से अलाउंस किया गया कि यह दुकान जल्द ही तोड़ी जाएगी कृपया अपना-अपना सामान बाहर निकाल लेे। इसका विरोध करने वाले पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी । जिसके बाद धीरे-धीरे वीडीए ने कार्रवाई करते हुए दुकानों का को ध्वस्त कर दिया।